UPSC Pratibha Setu: यूपीएससी प्रतिभा सेतु पोर्टल क्या है? पीएम मोदी ने मन की बात कार्यक्रम में किया जिक्र
Saurabh Pandey | September 1, 2025 | 08:46 AM IST | 3 mins read
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "प्रतिभा सेतु उन उम्मीदवारों का डेटा संग्रहीत करता है, जिन्होंने यूपीएससी की विभिन्न परीक्षाओं के सभी चरणों को पास कर लिया, लेकिन उनका नाम अंतिम मेरिट सूची में नहीं आया।"
नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को मन की बात के 125वें एपिसोड में डिजिटल प्लेटफॉर्म 'प्रतिभा सेतु' का जिक्र किया, जिसका उद्देश्य संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की परीक्षाओं के उन अभ्यर्थियों की सहायता करना है जो अंतिम मेरिट सूची में जगह बनाने से चूक गए थे।
पीएम मोदी ने कहा कि UPSC की अलग-अलग परीक्षाओं में जो होनहार प्रतिभागी आखिरी मेरिट लिस्ट का हिस्सा नहीं बन पाते, उनके लिए ‘प्रतिभा सेतु’ डिजिटल प्लेटफॉर्म बनाया गया है। यह बहुत खुशी की बात है कि इसकी मदद से उन्हें नए अवसर मिलने लगे हैं।
10,000 से अधिक युवाओं का डेटा मौजूद
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "प्रतिभा सेतु उन उम्मीदवारों का डेटा संग्रहीत करता है, जिन्होंने यूपीएससी की विभिन्न परीक्षाओं के सभी चरणों को पास कर लिया, लेकिन उनका नाम अंतिम मेरिट सूची में नहीं आया। उन्होंने कहा कि 'प्रतिभा सेतु' के डेटाबैंक में पहले से ही 10,000 से अधिक ऐसे प्रतिभाशाली युवाओं का विवरण मौजूद है, जिनका उपयोग भविष्य में अवसरों के लिए किया जा सकता है।
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि "मेरे प्यारे देशवासियों, आपने यूपीएससी का नाम तो सुना ही होगा। यह संस्था देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक, सिविल सेवा परीक्षा आयोजित करती है। हम सभी ने सिविल सेवा के टॉपर्स से कई प्रेरक कहानियां सुनी हैं। ये युवा कठिन परिस्थितियों में पढ़ाई करते हैं और अपनी कड़ी मेहनत से इस सेवा में स्थान पाते हैं, लेकिन साथियों, यूपीएससी परीक्षा की एक और सच्चाई भी है।"
उन्होंने आगे कहा, "ऐसे हजारों उम्मीदवार होते हैं जो बहुत काबिल होते हैं, उनकी मेहनत किसी से कम नहीं होती, लेकिन वे थोड़े से अंतर से अंतिम सूची तक नहीं पहुंच पाते। इन उम्मीदवारों को अन्य परीक्षाओं के लिए नए सिरे से तैयारी करनी पड़ती है। इसमें उनका समय और पैसा दोनों खर्च होता है। इसीलिए, अब ऐसे मेहनती छात्रों के लिए एक डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म बनाया गया है और इसका नाम है 'प्रतिभा सेतु'।"
UPSC Pratibha Setu: यूपीएससी प्रतिभा सेतु क्या है?
यूपीएससी प्रतिभा सेतु को पहले आयोग की पब्लिक डिसक्लोजर स्कीम (पीडीएस) के रूप में जाना जाता था। भारत सरकार (कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग) के निर्णय के अनुसरण में, संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) अपनी वेबसाइट पर पब्लिक डिसक्लोजर स्कीम (पीडीएस) के तहत आयोग की परीक्षाओं के गैर-अनुशंसित इच्छुक उम्मीदवारों (वे उम्मीदवार जो लिखित परीक्षा उत्तीर्ण करते हैं लेकिन साक्षात्कार के बाद अनुशंसित नहीं होते हैं) का विवरण प्रकाशित करता रहा है। यह योजना 20 अगस्त 2018 से लागू है और आयोग ने (पहली बार) संयुक्त चिकित्सा सेवा परीक्षा, 2017 के उम्मीदवारों की सूची का खुलासा किया। हालांकि, अब पीडीएस का नाम बदलकर यूपीएससी प्रतिभा सेतु कर दिया गया है। इस योजना के अंतर्गत निम्नलिखित परीक्षाओं के गैर-अनुशंसित इच्छुक उम्मीदवार शामिल हैं-
UPSC Pratibha Setu: किन परीक्षाओं के उम्मीदवारों को होगा फायदा
- सिविल सेवा परीक्षा
- भारतीय वन सेवा परीक्षा
- केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (एसीएस) परीक्षा
- इंजीनियरिंग सेवा परीक्षा
- संयुक्त भू-वैज्ञानिक परीक्षा
- सीडीएस परीक्षा
- भारतीय आर्थिक सेवा/भारतीय सांख्यिकी सेवा परीक्षा
- संयुक्त चिकित्सा सेवा परीक्षा
यूपीएससी प्रतिभा सेतु को संचालित करने का तरीका
इससे पहले, यूपीएससी परीक्षाओं के गैर-अनुशंसित इच्छुक उम्मीदवारों (वे उम्मीदवार जो लिखित परीक्षा उत्तीर्ण करते हैं लेकिन साक्षात्कार के बाद अनुशंसित नहीं होते) की सूची सार्वजनिक प्रकटीकरण योजना (पीडीएस) के तहत आयोग की वेबसाइट पर प्रकाशित की जाती थी। अब, आयोग गैर-अनुशंसित उम्मीदवारों के स्वैच्छिक चयन/भर्ती के लिए संगठनों को लॉगिन आईडी प्रदान करता है। इसके अलावा, निजी संगठन भी आयोग के पोर्टल का उपयोग करके स्वयं पंजीकरण करा सकते हैं।
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परीक्षा दो पालियों में आयोजित की जाएगी, पहली पाली सुबह 10 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 2 बजे से शाम 4:30 बजे तक चलेगी। आयोग ने इस संबंध में अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर एक अधिसूचना जारी की है।
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