Saurabh Pandey | March 19, 2026 | 01:19 PM IST | 2 mins read
सिविल सेवा परीक्षा (सीएसई) 2025 के माध्यम से चयनित उम्मीदवारों के लिए यह सलाह मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (एलबीएसएनएए) द्वारा जारी की गई है, जो सिविल सेवकों के लिए एक प्रमुख प्रशिक्षण संस्थान है।

नई दिल्ली : संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने हाल ही में सिविल सेवा परीक्षा 2025 के लिए चयनित सभी उम्मीदवारों के लिए एडवाइजरी जारी की है, जिसमें कहा गया है कि चयनित उम्मीदवार सोशल मीडिया पर आत्म-प्रचार और आवेगपूर्ण बयान और पोस्टिंग से बचें। एडवाइजरी में यह भी कहा गया है कि वे व्यावसायिक और संस्थागत प्रचार से दूरी बनाए रखें और यह सुनिश्चित करें कि उनकी उपलब्धियों का उपयोग निजी लाभ या प्रचार के लिए न किया जाए।
यूपीएससी की तरफ से जारी एडवाइजरी में कहा गया है कि सिविल सेवक राज्य का सार्वजनिक चेहरा होते हैं और उनका आचरण निरंतर सार्वजनिक जांच के अधीन रहता है। आपको यह सुनिश्चित करना होगा कि आम जनता, जन प्रतिनिधियों, निगम संस्थाओं, नागरिक समाज संगठनों, सरकारी कर्मचारियों, अन्य सभी गणमान्य व्यक्तियों और समाज के कमजोर वर्गों के साथ आपका व्यक्तिगत आचरण और आधिकारिक एवं सामाजिक संपर्क विनम्र, सम्मानजनक, गरिमामय और उपयुक्त हो।
यूपीएससी की तरफ से जारी एजवाइजरी में कहा गया है कि यद्यपि सोशल मीडिया जीवन के कई पहलुओं में व्याप्त है, और अकादमी भी संस्थागत स्तर पर प्रभावी प्रशासन में सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म के महत्व को पहचानती है, फिर भी किसी भी प्रकार के स्व-प्रचार से संबंधित सोशल मीडिया का उपयोग करने से बचने की सलाह दी जाती है।
सोशल मीडिया पर आपके द्वारा की गई या सुगम बनाई गई टिप्पणियां और कोई भी पोस्ट सेवा पर भी प्रभाव डालेगी। इसलिए, आपको इस स्तर पर भी सचेत रहना चाहिए कि ऐसी पोस्ट से बचें जो सेवा या उसके सदस्यों को बदनाम कर सकती हैं। ऐसी सामग्री पोस्ट करने में सतर्क और विवेकपूर्ण रहें जिसे सेवा के किसी अधिकारी/सदस्य के लिए अव्यवसायिक या अनुचित माना जा सकता है।
लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी की तरफ से कहा गया है कि चयनित उम्मीदवारों को आज से ही एक अधिकारी के लिए उपयुक्त अनुकरणीय आचरण प्रदर्शित करना शुरू कर देना चाहिए, न कि अपने प्रशिक्षण शुरू होने का इंतजार करना चाहिए। आप आगे चलकर शासन और सार्वजनिक सेवा वितरण संस्थानों में महत्वपूर्ण पदों पर आसीन होंगे।