यूपी बोर्ड ने राज्य के सभी 75 जिलों में स्थापित 261 मूल्यांकन केंद्रों पर निर्धारित तिथि से 3 दिन पहले ही मूल्यांकन प्रक्रिया को पूरा कर लिया है। बोर्ड की तरफ से 19 मार्च को उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन का काम शुरू हुआ था, जबकि 5 अप्रैल को समाप्त होना था।
Saurabh Pandey | April 4, 2025 | 01:08 PM IST
नई दिल्ली : उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (यूपीएमएसपी) ने यूपी बोर्ड हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन का काम पूरा कर लिया है। बोर्ड की तरफ से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में बोर्ड ने कहा गया है कि राज्य के हर जिले में स्थापित सभी 261 मूल्यांकन केंद्रों को आवंटित उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन पूरी तरह से पूरा हो गया है।
यूपी बोर्ड ने राज्य के सभी 75 जिलों में स्थापित 261 मूल्यांकन केंद्रों पर निर्धारित तिथि से 3 दिन पहले ही मूल्यांकन प्रक्रिया को पूरा कर लिया है। बोर्ड की तरफ से 19 मार्च को उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन का काम शुरू हुआ था, जबकि 5 अप्रैल को समाप्त होना था। मूल्यांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद बोर्ड ने नतीजों का संकलन शुरू कर दिया है। बोर्ड के शेड्यूल के मुताबिक, नतीजे 20 अप्रैल के आसपास घोषित होने की उम्मीद है।
इससे पहले आई रिपोर्ट्स के अनुसार, हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं की 3 करोड़ से अधिक उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन वॉयस रिकॉर्डर युक्त सीसीटीवी कैमरों की मदद से उच्च तकनीक वाली निगरानी में किया गया था।
यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा में शामिल हुए 51,37,233 छात्रों की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन करने के लिए करीब 1.5 लाख मूल्यांकनकर्ता तैनात किए गए थे। बोर्ड की तरफ से जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, प्रत्येक परीक्षक को प्रतिदिन 50 से अधिक हाईस्कूल की उत्तर पुस्तिकाएं नहीं दी गईं, जो पूरे मूल्यांकन अवधि में कुल 700 तक थीं।
कला विषयों के लिए, प्रति दिन 80 शीट की सीमा तय की गई थी, जिसमें अधिकतम 800 थी। इंटरमीडिएट उत्तर पुस्तिकाओं के मामले में, परीक्षकों को प्रतिदिन 45 शीट तक का मूल्यांकन करने की अनुमति थी, जिसमें कुल मिलाकर अधिकतम 600 शीट थीं। मूल्यांकनकर्ताओं को दोपहर के भोजन से पहले आवंटित की गई अपनी आधी शीट पूरी करनी थीं और शेष आधी बाद में।
यूपी बोर्ड ने हाईस्कूल के छात्रों की 1,74,68,241 उत्तर पुस्तिकाओं और इंटरमीडिएट के छात्रों की 1,26,79,995 उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन किया। यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह ने एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से प्रक्रिया पूरी होने की आधिकारिक पुष्टि की है।
यूपी बोर्ड की कक्षा 10 और कक्षा 12 की परीक्षाएं 24 फरवरी से 12 मार्च, 2025 तक आयोजित की गईं, जो केवल 12 कार्य दिवसों में समाप्त हो गईं। बोर्ड परीक्षाओं के लिए कुल 54,38,597 छात्रों ने पंजीकरण कराया था। बोर्ड परीक्षाएं राज्य भर में 8,140 केंद्रों पर आयोजित की गईं, जिसमें सख्त निगरानी सुनिश्चित करने और कदाचार को रोकने के लिए 2.91 लाख सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे।
यूपी बोर्ड द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, यूपी बोर्ड परीक्षा 2025 में लगभग 44.37 लाख विद्यार्थी परीक्षा में शामिल हुए थे, जिनमें से 27.32 लाख छात्र कक्षा 10वीं के और 27.05 लाख कक्षा 12वीं के थे।
Abhay Pratap Singh