Press Trust of India | July 10, 2025 | 10:34 PM IST | 1 min read
राज्य सरकार ने यूनिसेफ और विज्ञान आश्रम के तकनीकी सहयोग से 60 कौशल आधारित गतिविधियों का शिक्षक मैनुअल विकसित किया है।
लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के सरकारी स्कूलों में शिक्षा को व्यावहारिक और कौशल-आधारित बनाने के उद्देश्य से 'लर्निंग बाय डूइंग' कार्यक्रम शुरू किया है। यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत शुरू की गई है। इस कार्यक्रम के तहत, कक्षा 6 से 8 तक के छात्रों को लकड़ी का काम, धातु का काम, ऊर्जा एवं पर्यावरण, कृषि एवं बागवानी, तथा स्वास्थ्य एवं पोषण जैसे क्षेत्रों में व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।
उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग ने विज्ञान और गणित के शिक्षकों को मल्टी स्किलिंग पर 4 दिवसीय विशेष प्रशिक्षण भी दिया है, ताकि शिक्षक न केवल छात्रों को पढ़ाएं बल्कि उन्हें वास्तविक जीवन के लिए भी तैयार करें।
राज्य सरकार ने यूनिसेफ और विज्ञान आश्रम के तकनीकी सहयोग से 60 कौशल आधारित गतिविधियों का शिक्षक मैनुअल विकसित किया है और इसे राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) ने अनुमोदित किया है।
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कार्यक्रम को 2024-25 में विस्तारित करते हुए, प्रदेश के 75 जिलों के 2274 उच्च प्राथमिक एवं कम्पोजिट विद्यालयों में आधुनिक प्रयोगशालाएं स्थापित की गई हैं। प्रत्येक प्रयोगशाला को 205 प्रकार के आधुनिक उपकरणों एवं औजारों से सुसज्जित किया गया।
सरकार अगले चरण में इस कार्यक्रम को 3288 और स्कूलों में लागू करने की योजना बना रही है। समग्र शिक्षा और 'पीएम श्री' योजना के तहत इसका विस्तार किया जाएगा, जिससे लाखों छात्र व्यावसायिक शिक्षा से लाभान्वित होंगे।