Santosh Kumar | September 2, 2026 | 04:44 PM IST | 1 min read
एनबीईएमएस ने अपनी आधिकारिक सूचना में स्पष्ट किया है कि ऐसे सवालों का खुलासा करना या उन्हें साझा करना नीट पीजी 2026 इन्फॉर्मेशन बुलेटिन में बताए गए नॉन-डिस्क्लोजर एग्रीमेंट (एनडीए) का उल्लंघन है।

नई दिल्ली: नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज (एनबीईएमएस) ने नीट पीजी 2026 परीक्षा के बाद उम्मीदवारों, फैकल्टी सदस्यों, कोचिंग संस्थानों और सभी संबंधित पक्षों को कड़ी चेतावनी जारी की है। बोर्ड ने कहा है कि 30 अगस्त को हुई परीक्षा के 'रिकॉल' या 'मेमोरी-बेस्ड' सवालों पर चर्चा करना, उन्हें मांगना, इकट्ठा करना, दोबारा बनाना या किसी भी माध्यम से फैलाना परीक्षा नियमों का गंभीर उल्लंघन माना जाएगा।
एनबीईएमएस ने अपनी आधिकारिक सूचना में स्पष्ट किया है कि ऐसे सवालों का खुलासा करना या उन्हें साझा करना नीट पीजी 2026 इन्फॉर्मेशन बुलेटिन में बताए गए नॉन-डिस्क्लोजर एग्रीमेंट (एनडीए) का उल्लंघन है।
एनबीईएमएस का कहना है कि नीट पीजी परीक्षा की सामग्री गोपनीय और बोर्ड की संपत्ति मानी जाती है; कोई भी उम्मीदवार या संस्था इसे मौखिक, लिखित, इलेक्ट्रॉनिक या सोशल मीडिया माध्यमों से साझा नहीं कर सकती है।
बोर्ड ने चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सकती है। सभी उम्मीदवारों और कोचिंग संस्थानों से अनुरोध है कि वे परीक्षा से जुड़ी कोई भी गोपनीय जानकारी इंटरनेट पर शेयर न करें।
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बोर्ड ने जयपुर के सीतापुरा में 30 अगस्त को हुई नीट पीजी 2026 परीक्षा में प्रभावित छात्रों के लिए दोबारा परीक्षा कराने का फैसला किया है। दोबारा परीक्षा 5 सितंबर को 2,445 छात्रों के लिए आयोजित की जाएगी।
परीक्षा केंद्र और नए एडमिट कार्ड से जुड़ी विस्तृत जानकारी अलग से दी जाएगी। एनबीईएमएस ने हुई असुविधा के लिए माफी मांगी है। नीट पीजी 2026 परीक्षा 2.65 लाख से अधिक उम्मीदवारों के लिए आयोजित की गई थी।