Trusted Source Image

‘स्कूल ठीक करो’ कैंपेन से घिरी राजस्थान सरकार; विद्यालयों में अब बाहरी लोगों की एंट्री व फोटो-वीडियो पर रोक

Santosh Kumar | August 17, 2026 | 03:47 PM IST | 2 mins read

निर्देशों के अनुसार, प्रिंसिपल या संस्थान के प्रमुख की पूर्व अनुमति के बिना किसी बाहरी व्यक्ति को स्कूल में प्रवेश करने की अनुमति नहीं होगी।

सरकार के ये निर्देश राज्य भर में सरकारी स्कूलों के छात्रों द्वारा शुरू किए गए 'स्कूल ठीक करो' अभियान के बीच आए हैं। (इमेज-एक्स/@AshutoshRanka)
सरकार के ये निर्देश राज्य भर में सरकारी स्कूलों के छात्रों द्वारा शुरू किए गए 'स्कूल ठीक करो' अभियान के बीच आए हैं। (इमेज-एक्स/@AshutoshRanka)

जयपुर: राजस्थान सरकार ने सरकारी स्कूलों के परिसर में 'बाहरी लोगों' के प्रवेश पर रोक लगाने के निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत, प्रिंसिपल की पूर्व अनुमति के बिना बाहरी लोगों का स्कूल परिसर में प्रवेश वर्जित होगा। साथ ही, लिखित मंजूरी के बिना छात्रों, शिक्षकों या स्कूल की गतिविधियों से जुड़ी फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी, इंटरव्यू, ऑडियो रिकॉर्डिंग और लाइव स्ट्रीमिंग पर भी रोक लगा दी गई है। सेकेंडरी एजुकेशन के डायरेक्टर की ओर से जारी ये निर्देश हाल ही में राज्य भर के सरकारी स्कूल के छात्रों द्वारा शुरू किए गए 'स्कूल ठीक करो' अभियान के बीच आए हैं; इस अभियान में शिक्षकों की कमी, क्लासरूम की कमी और दूसरी बुनियादी सुविधाओं के अभाव जैसे मुद्दों को उठाया गया है।

निर्देशों के तहत, प्राचार्य/संस्था प्रधान की पूर्व अनुमति के बिना किसी भी बाहरी व्यक्ति को विद्यालय में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी, केवल ये शासकीय अधिकारी अपवाद होंगे, जो अपने आधिकारिक दायित्वों के निर्वाह हेतु विधिवत अधिकृत हों।

हर विजिटर को स्कूल में घुसने से पहले रजिस्टर में एंट्री करनी होगी। प्रिंसिपल, टीचर या अधिकृत अधिकारी के साथ हुए बिना कोई भी बाहरी व्यक्ति क्लासरूम, लैब, लाइब्रेरी, हॉस्टल, प्लेग्राउंड, टॉयलेट या स्टूडेंट एक्टिविटी एरिया में नहीं जा सकेगा।

फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी व लाइव स्ट्रीमिंग पर रोक

इसमें कहा गया है कि प्रिंसिपल की अनुमति के बिना छात्रों, शिक्षकों या स्कूल की गतिविधियों की फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी, इंटरव्यू, ऑडियो रिकॉर्डिंग या लाइव स्ट्रीमिंग नहीं की जाएगी। ऐसी गतिविधियां केवल कानूनी उद्देश्यों के लिए होगी।

निर्देशों के अनुसार विद्यालय प्राधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि विद्यार्थियों के फोटो, वीडियो अथवा व्यक्तिगत जानकारी का ऐसा संग्रह, प्रकाशन अथवा प्रसार न हो जिससे उनकी निजता, गरिमा अथवा सुरक्षा प्रभावित हो।

दिशा निर्देश में कहा गया है कि प्रधानाचार्य को किसी भी ऐसे आगंतुक को प्रवेश से मना करने का अधिकार दिया गया है जिसकी उपस्थिति से सुरक्षा, निजता, अनुशासन या शैक्षिक माहौल पर असर पड़ सकता हो।

Also readTeacher Vacancy Crisis: बिहार में टीचर्स के 2.70 लाख+ पद खाली; झारखंड, एमपी समेत कई राज्यों में हजारों वैकेंसी

अनुमति के बिना प्रवेश पर कानूनी कार्रवाई

इसके मुताबिक, अगर कोई व्यक्ति बिना अनुमति के परिसर में आता है और बिना इजाज़त फ़ोटो या वीडियो लेने की कोशिश करता है तो प्रिंसिपल स्थानीय पुलिस और ज़िला शिक्षा अधिकारी को सूचित कर सकते हैं ताकि कार्रवाई की जा सके।

इस बीच राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीका राम जुली ने इसकी आलोचना करते हुए इसे तानाशाही आदेश करार दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, "सरकार खामियों को दूर करने का नहीं, उसे छुपाने का काम कर रही है।'

उन्होंने कहा-अब बिना अनुमति कोई अंदर नहीं जा सकेगा, ताकि हकीकत बाहर न आ सके। जूली के अनुसार, 'इस तानाशाही आदेश को राज्य सरकार जल्द से जल्द वापस ले, वरना इसके विरुद्ध सविनय अवज्ञा आंदोलन चलाया जाएगा।'

MakeCAREERS360
My Trusted Source
Trusted Source ImageAdd as a preferred source on google

Download Our App

Start you preparation journey for JEE / NEET for free today with our APP

  • Students300M+Students
  • College36,000+Colleges
  • Exams550+Exams
  • Ebooks1500+Ebooks
  • Certification16000+Certifications