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PPC 2026: परीक्षा पे चर्चा के लिए अभिभावकों की भागीदारी में छत्तीसगढ़ शीर्ष पर, कुल पंजीकरण में चौथा स्थान

Press Trust of India | January 5, 2026 | 07:27 AM IST | 2 mins read

‘परीक्षा पे चर्चा 2026’ के 9वें संस्करण में 1 दिसंबर, 2025 से शुरू हुई पंजीकरण प्रक्रिया 11 जनवरी, 2026 तक खुली रहेगी।

Pariksha Pe Charcha 2026: जिलास्तरीय समीक्षा बैठकों के माध्यम से अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित की गई। (इमेज-आधिकारिक वेबसाइट)
Pariksha Pe Charcha 2026: जिलास्तरीय समीक्षा बैठकों के माध्यम से अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित की गई। (इमेज-आधिकारिक वेबसाइट)

रायपुर: छत्तीसगढ़ ने ‘परीक्षा पे चर्चा 2026’ में अभिभावकों की भागीदारी के मामले में देश में पहला स्थान हासिल किया है। यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा परीक्षाओं को तनावमुक्त अवसर में बदलने के लिए शुरू की गई है। एक सरकारी अधिकारी ने बताया कि छत्तीसगढ़ से अब तक 25.16 लाख प्रतिभागियों ने पंजीकरण कराया है, जिनमें 22.75 लाख छात्र, 1,55,000 शिक्षक और 81,533 अभिभावक शामिल हैं।

उन्होंने बताया, “परीक्षा पे चर्चा में अभिभावकों की भागीदारी के मामले में छत्तीसगढ़ देश में पहले स्थान पर है। कुल पंजीकरणों के मामले में राज्य राष्ट्रीय स्तर पर चौथे स्थान पर है। बलौदाबाजार जिले में 14,658 अभिभावकों ने पंजीकरण कराया है। सारंगढ़-बिलाइगढ़ जिले में 9,952 अभिभावकों ने पंजीकरण कराया है।”

आगे बताया, जिलास्तरीय समीक्षा बैठकों के माध्यम से अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित की गई। शिक्षक प्रशिक्षण केंद्रों पर मौके पर ही पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध कराई गई। सारंगढ़-बिलाइगढ़ में आयोजित ‘परीक्षा पे चर्चा मेला’ में एक ही दिन में 10,000 से अधिक पंजीकरण दर्ज किए गए, जबकि पहले प्रतिदिन औसतन 1,500 पंजीकरण होते थे।

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उन्होंने कहा कि 1 दिसंबर, 2025 से शुरू हुई पंजीकरण प्रक्रिया 11 जनवरी तक खुली रहेगी और पूरी संभावना है कि छत्तीसगढ़ 30 लाख से अधिक पंजीकरण का लक्ष्य हासिल कर लेगा।

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा, “परीक्षा पे चर्चा 2026 में राज्य द्वारा हासिल की गई उपलब्धि छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिया गया यह संदेश कि परीक्षाएं तनाव का स्रोत नहीं, बल्कि एक त्योहार की तरह मनाई जानी चाहिए, छत्तीसगढ़ में पूरी तरह से स्वीकार किया गया है।”

मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा, ‘‘मुझे विश्वास है कि इसी उत्साह के साथ हम 30 लाख से अधिक पंजीकरण का लक्ष्य भी हासिल कर लेंगे और परीक्षाओं को तनावमुक्त बनाने के इस अभियान को जन आंदोलन के रूप में आगे बढ़ाते रहेंगे।’’

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