Saurabh Pandey | July 24, 2026 | 09:31 PM IST | 2 mins read
एनटीए ने 47 अधिकारियों को नौकरी से निकाल दिया है। इनमें से कुछ अधिकारियों के खिलाफ कानूनी और आपराधिक कार्रवाई भी की जाएगी। यह एनटीए में बड़े बदलाव का हिस्सा है, जो पेपर लीक को लेकर विवादों में रहा है।

नई दिल्ली : नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने 47 अधिकारियों की सेवाएं खत्म कर दी हैं। इसे परीक्षा आयोजित करने वाली इस संस्था में बड़े बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है, जो पेपर लीक विवादों के कारण जांच के घेरे में रही है। मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि एजेंसी इन अधिकारियों के खिलाफ "कानूनी और आपराधिक कार्रवाई" भी शुरू करेगी, ताकि गलत काम करने वाले अधिकारियों को कड़ा संदेश दिया जा सके और यह सुनिश्चित किया जा सके कि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। हालांकि उनकी भूमिकाओं के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है।
यह बदलाव नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की कड़ी जांच के बीच हो रहा है। कई प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी के आरोपों, खासकर NEET-UG पेपर लीक के बाद यह जांच शुरू हुई थी। पेपर लीक की घटना से देश भर में विरोध-प्रदर्शन हुए थे और सार्वजनिक परीक्षाओं के आयोजन में जवाबदेही की मांग फिर से उठी थी।
मीडिया से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, सुधार की इस प्रक्रिया में एनटीए के आउटसोर्सिंग मॉडल पर खास ध्यान दिया जाएगा। सरकार आउटसोर्स की गई सेवाओं से जुड़े नियमों को और सख्त करने की योजना बना रही है, ताकि परीक्षा व्यवस्था को ज़्यादा सुरक्षित और लीक-प्रूफ बनाया जा सके।
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) नीट पेपर लीक विवाद को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन कर रही है। बर्खास्तगी के अलावा, कुछ अधिकारियों के खिलाफ कानूनी और आपराधिक कार्यवाही भी शुरू की जा सकती है।
दरअसल नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को 2017 में एक स्वायत्त संस्था के तौर पर बनाया गया था, ताकि उच्च शिक्षण संस्थानों में दाखिले के लिए प्रवेश परीक्षाएं आयोजित की जा सकें। मौजूदा वक्त में एनटीए नीट यूजी, जेईई मेन और सीयूईटी समेत 20 से ज्यादा राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाएं आयोजित करती है।
शिक्षा मंत्रालय ने 22 जुलाई को राज्यसभा को बताया कि एनटीए में मंजूर 39 पदों के मुकाबले सिर्फ 24 स्थायी कर्मचारी काम कर रहे थे। एजेंसी अपने कामकाज को संभालने के लिए 73 कॉन्ट्रैक्ट वाले कर्मचारियों और 124 आउटसोर्स कर्मचारियों पर भी निर्भर रही है।
इस बीच, परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर चल रहे गतिरोध को सुलझाने के लिए केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा और जितेंद्र सिंह तथा विरोध कर रहे संगठन 'कॉकरोच जनता पार्टी' (सीजेपी) के प्रवक्ताओं के बीच आज 'कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया' में बातचीत का हुई।
Santosh Kumar