Santosh Kumar | June 20, 2024 | 05:34 PM IST | 3 mins read
राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए अपने विचार व्यक्त किए। उन्होनें कहा, "पेपर लीक होने का एक ही कारण है और वो ये कि बीजेपी ने संस्थानों पर कब्ज़ा कर लिया है। जब तक ये नहीं रुकेगा, पेपर लीक होते रहेंगे।
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नई दिल्ली: नीट यूजी के बाद अब यूजीसी नेट 2024 परीक्षाओं में धांधली का मुद्दा देश में गरमाया हुआ है। पूरा विपक्ष इस समय एनटीए और केंद्र का विरोध कर रहा है। इस बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पीएम मोदी और केंद्र सरकार पर कटाक्ष किया है। पूर्व अध्यक्ष ने कहा कि पीएम ने रूस-यूक्रेन युद्ध तो रोक दिया लेकिन अपने देश में पेपर लीक नहीं रोक पा रहे हैं। राहुल ने कहा, "पेपर लीक के पीछे की वजह यह है कि बीजेपी के पैरेंट ऑर्गनाइजेशन ने शिक्षा व्यवस्था पर कब्जा कर लिया है।
राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए नीट यूजी के बाद यूजीसी नेट 2024 परीक्षा रद्द होने पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होनें कहा, "पेपर लीक होने का एक ही कारण है और वो ये कि बीजेपी ने संस्थानों पर कब्ज़ा कर लिया है। जब तक ये नहीं रुकेगा, पेपर लीक होते रहेंगे। नीट और यूजीसी नेट के पेपर लीक हो चुके हैं।"
राहुल गांधी ने कहा, "मोदी जी ने यूक्रेन और रूस के बीच युद्ध रोक दिया, मोदी जी ने इजरायल और गाजा के बीच युद्ध रोक दिया, लेकिन वे देश में पेपर लीक की समस्या को नहीं रोक पा रहे हैं। हम इस मुद्दे को संसद में उठाएंगे। अब लोग चुप नहीं बैठने वाले हैं, सरकार पंगु हो गई है, एक पैर पर खड़ी है।"
उन्होंने कहा, "उन्हें सरकार चलाना नहीं आता। बनारस में किसी ने उनकी (पीएम) गाड़ी पर चप्पल फेंकी। पहले कांग्रेस नहीं डरती थी, अब देश में कोई नहीं डरता। 56 इंच का सीना 30-32 का हो गया है। पीएम मोदी के काम करने का तरीका डरावना है, लेकिन अब कोई नहीं डरता। उनकी पार्टी में, आरएसएस में दिक्कत है।"
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कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि इस समय प्रधानमंत्री का मुख्य एजेंडा स्पीकर का चुनाव है। उन्हें अपनी सरकार और स्पीकर की चिंता है। प्रधानमंत्री मानसिक रूप से टूट चुके हैं और उन्हें ऐसी सरकार चलाने के लिए संघर्ष करना पड़ेगा। मोदी का सरकार चलाने का विचार लोगों में डर पैदा करना है।
"इस चुनाव में मोदी सरकार का सफाया हो गया है। अगर वाजपेयी जी या मनमोहन सिंह जी होते तो शायद वे बच जाते क्योंकि उनमें विनम्रता, सम्मान और सद्भाव था। लेकिन नरेंद्र मोदी इन सबमें विश्वास नहीं करते।"
गांधी ने कहा, "केंद्र को विपक्ष के दबाव का सामना करना पड़ेगा। अगर आप ईमानदार लोगों को नियुक्त नहीं करेंगे और वैचारिक लोगों को नियुक्त करेंगे, तो ऐसे संकट होते रहेंगे। नरेंद्र मोदी ने नोटबंदी करके अर्थव्यवस्था के साथ जो किया, वही उन्होंने अब शिक्षा प्रणाली के साथ भी किया है।"
बता दें कि मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट में कथित अनियमितताओं का मामला फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में है। वहीं, 9 लाख से अधिक छात्रों के परीक्षा में बैठने के एक दिन बाद ही यूजीसी नेट परीक्षा रद्द कर दी गई। इसकी जांच भी चल रही है।
दूसरी ओर एनटीए ने दोबारा होने वाली परीक्षा के लिए नीट यूजी 2024 एडमिट कार्ड जारी कर दिया है। जिन छात्रों को ग्रेस मार्क्स मिले हैं, जिनके लिए दोबारा परीक्षा आयोजित की जा रही है, वे एनटीए की आधिकारिक वेबसाइट से एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं। नीट यूजी की दोबारा परीक्षा 23 जून को होगी।
हाईकोर्ट ने पिछले साल की गई आरक्षण बढ़ोतरी पर रोक लगा दी है जिसके तहत सरकारी नौकरियों और शिक्षण संस्थानों में दलितों, पिछड़ों और आदिवासियों के लिए कोटा 50 से बढ़ाकर 65 फीसदी कर दिया गया था।
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