Press Trust of India | May 18, 2025 | 01:16 PM IST | 2 mins read
याचिकाकर्ता के वकील ने फैसले का विरोध करते हुए कहा कि यदि पुन: परीक्षा समय पर नहीं हुई तो छात्रा काउंसलिंग में शामिल नहीं हो पाएगी।
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मध्य प्रदेश: मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) को इंदौर के 11 परीक्षा केंद्रों को छोड़कर, नीट यूजी 2025 परिणाम घोषित करने की अनुमति दे दी है, जहां 4 मई को परीक्षा के दौरान बिजली गुल हो गई थी। हालांकि, इस बीच चेन्नई के एक परीक्षा केंद्र पर परीक्षा के दौरान बिजली कटौती की सूचना मिली, जहां छात्रों द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई के बाद मद्रास उच्च न्यायालय ने अधिकारियों द्वारा नीट यूजी 2025 परिणाम जारी करने पर अंतरिम रोक लगा दी है।
इससे पहले गुरुवार को एमपी में एक छात्र की याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने निर्देश दिया था कि अगली सुनवाई तक नीट का रिजल्ट जारी न किया जाए। छात्रा ने आरोप लगाया था कि बिजली गुल होने से उसकी परीक्षा प्रभावित हुई।
अभ्यर्थी ने याचिका में दोबारा परीक्षा में बैठने की अनुमति मांगी। शुक्रवार को जस्टिस सुबोध अभ्यंकर ने सॉलिसिटर जनरल ऑफ इंडिया तुषार मेहता और डिप्टी सॉलिसिटर जनरल हिमांशु जोशी की दलीलें सुनने के बाद आदेश में संशोधन किया।
उन्होंने बताया कि हाईकोर्ट ने पूरे देश के लिए नीट यूजी रिजल्ट की घोषणा पर रोक लगा दी, हालांकि बिजली की समस्या इंदौर के 11 केंद्रों तक ही सीमित थी। उन्होंने कहा कि एनटीए को देश भर के नतीजे घोषित करने की अनुमति दी जानी चाहिए।
जिसके जवाब में याचिकाकर्ता के वकील मृदुल भटनागर ने सरकारी वकीलों की दलील का विरोध किया और कहा कि यदि याचिकाकर्ता समय पर पुन: परीक्षा में उपस्थित नहीं हो पाती है, तो वह काउंसलिंग राउंड में भाग नहीं ले पाएगी।
हालांकि, अदालत ने सरकारी वकीलों की दलील मानते हुए 15 मई के आदेश में संशोधन की इच्छा जताई और एनटीए को इंदौर के प्रभावित केंद्रों को छोड़कर बाकी सभी का रिजल्ट घोषित करने की अनुमति दी। अगली सुनवाई अब 19 मई को होगी।