Saurabh Pandey | July 11, 2024 | 08:35 AM IST | 2 mins read
सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की पीठ के समक्ष मामलों को आइटम नंबर 43 के रूप में सूचीबद्ध किया गया है। पीठ की बैठक सुबह 10.30 बजे शुरू होती है।
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नई दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट आज नीट यूजी 2024 परीक्षा को रद्द करने की मांग वाली याचिकाओं पर सुनवाई करेगा। केंद्र और एनटीए ने 8 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट द्वारा पारित निर्देशों के अनुसार हलफनामा दायर किया है। केंद्र ने कहा कि आईआईटी मद्रास के विशेषज्ञों द्वारा किए गए डेटा एनालिटिक्स अध्ययन के अनुसार, परीक्षा में किसी भी बड़े पैमाने पर कदाचार का कोई संकेत नहीं है।
एनटीए ने कहा कि टेलीग्राम ग्रुप में नीट पेपर लीक होने वाले वीडियो फर्जी हैं। केंद्र और एनटीए ने अपना रुख दोहराया कि पूरी परीक्षा की पवित्रता से समझौता नहीं किया गया है ताकि दोबारा परीक्षा कराने की जरूरत पड़े।
पिछली सुनवाई की तारीख 8 जुलाई को सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली पीठ ने पेपर लीक की सीमा और गलत काम करने वालों को दूसरों से अलग करने की संभावना पर केंद्र/एनटीए से जवाब मांगा था। कोर्ट ने कहा कि अगर पूरी परीक्षा की पवित्रता प्रभावित हुई है और धोखाधड़ी करने वालों को ईमानदार उम्मीदवारों से अलग करना असंभव है, तो दोबारा परीक्षा कराना जरूरी हो सकता है। कोर्ट ने यह भी कहा कि करीब 24 लाख छात्रों पर असर को देखते हुए दोबारा परीक्षा आखिरी विकल्प होगा।
सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की पीठ के समक्ष मामलों को आइटम नंबर 43 के रूप में सूचीबद्ध किया गया है। पीठ की बैठक सुबह 10.30 बजे शुरू होती है।
पीठ गुजरात स्थित 50 से अधिक सफल नीट उम्मीदवारों की एक अलग याचिका पर भी सुनवाई करेगी, जिसमें केंद्र को मेडिकल प्रवेश परीक्षा रद्द करने से रोकने का निर्देश देने की मांग की गई है।
पीठ ने यह भी कहा कि अगर नीट पेपर लीक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे टेलीग्राम, व्हाट्सएप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पर होता है, तो यह जंगल की आग की तरह फैल जाता है। NEET में बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के परफेक्ट 100 परसेंटाइल आने के बाद पेपर लीक और अनियमितताओं का संदेह हुआ था। कुल 67 अभ्यर्थियों ने 720 में से 720 अंक प्राप्त किए।