Santosh Kumar | July 14, 2024 | 06:18 PM IST | 2 mins read
केंद्र ने बताया कि नीट यूजी 2024 के नतीजों का डेटा विश्लेषण आईआईटी मद्रास ने किया था। विशेषज्ञों के अनुसार परीक्षा में कोई बड़ी अनियमितता नहीं पाई गई है।
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नई दिल्ली: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद पी चिदंबरम ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) यूजी परीक्षा 2024 को लेकर चल रहे विवाद के बीच केंद्र सरकार से अखिल भारतीय परीक्षाएं बंद करने की मांग की है। उन्होंने जोर देकर कहा कि मेडिकल कॉलेज प्रवेश परीक्षा के संचालन की जिम्मेदारी अलग-अलग राज्यों की होनी चाहिए। चिदंबरम ने नीट परीक्षा को निंदनीय बताया और आरोप लगाया कि यह भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी का मंच है।
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हाल ही में एएनआई को दिए गए साक्षात्कार में चिदंबरम ने तमिलनाडु के विधायी प्रस्ताव पर प्रकाश डाला जिसमें नीट से छूट की मांग की गई थी। उन्होंने तर्क दिया कि राज्य सरकारों को सरकारी मेडिकल कॉलेजों के लिए अपनी प्रवेश परीक्षा आयोजित करने की स्वायत्तता होनी चाहिए, बजाय इसके कि वे घोटालों और दुरुपयोग की संभावना वाले केंद्रीकृत सिस्टम पर निर्भर रहें।
पूर्व वित्त मंत्री ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की भी मांग की और उनसे परीक्षा के लगातार मुद्दों के लिए नैतिक जिम्मेदारी लेने का आग्रह किया। कांग्रेस सांसद ने कहा, "धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा दे देना चाहिए और सिस्टम तथा सिस्टम में लीक की नैतिक जिम्मेदारी लेनी चाहिए।"
नीट परीक्षा आयोजित करने वाली राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) के खिलाफ व्यापक विरोध और कानूनी कार्रवाइयों के बाद, केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने परीक्षा पेपर लीक कांड में शामिल एक दर्जन से अधिक संदिग्धों को गिरफ्तार किया है।
केंद्र ने बुधवार (10 जुलाई) को सुप्रीम कोर्ट को बताया कि मेडिकल प्रवेश परीक्षा ‘नीट-यूजी 2024’ में न तो ‘बड़े पैमाने पर गड़बड़ी’ के कोई संकेत मिले हैं और न ही ऐसे कोई संकेत मिले हैं कि स्थानीय उम्मीदवारों के किसी समूह को लाभ पहुंचा हो।
केंद्र ने कहा कि नीट यूजी 2024 परिणामों का डेटा विश्लेषण भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मद्रास द्वारा किया गया था और विशेषज्ञों के निष्कर्षों के अनुसार, परीक्षा में बड़े पैमाने पर कोई अनियमितता नहीं देखी गई।
सुप्रीम कोर्ट नीट यूजी 2024 में अनियमितताओं से जुड़ी याचिकाओं पर 18 जुलाई को सुनवाई करेगा। चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली बेंच ने बताया कि कुछ याचिकाकर्ताओं के वकीलों को अभी तक केंद्र और एनटीए की ओर से दाखिल हलफनामे नहीं मिले हैं। इस वजह से अगली सुनवाई अगले गुरुवार को होगी।
जिन उम्मीदवारों ने अभी तक जुलाई सत्र के लिए आवेदन नहीं किया है, वे विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट ignouadmission.samarth.edu.in के माध्यम से इसके लिए ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं।
Santosh Kumar