NEET Supreme Court Hearing: 20 जुलाई तक दोबारा जारी होगा रिजल्ट, काउंसलिंग नहीं टलेगी, अगली सुनवाई सोमवार को

Santosh Kumar | July 18, 2024 | 04:51 PM IST | 3 mins read

भारत के मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ और दो अन्य न्यायाधीशों की पीठ ने एनटीए को सभी छात्रों के परिणाम - शहर-वार और केंद्र-वार - शनिवार यानी 20 जुलाई को दोपहर 12 बजे तक ऑनलाइन अपलोड करने का निर्देश दिया।

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एनटीए द्वारा नीट यूजी परीक्षा 2024 का आयोजन 5 मई को किया गया था। (इमेज-पीटीआई)

नई दिल्ली: भारत के मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट यूजी 2024 की री-टेस्ट से संबंधित 40 से अधिक याचिकाओं पर सुनवाई अगले सोमवार तक के लिए टाल दी है। इस बीच, सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार तक काउंसलिंग पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। साथ ही पेपर लीक के मुद्दे पर सीजेआई ने कहा कि टॉप 100 की सूची देखने के बाद यह स्पष्ट है कि पेपर लीक के तार 12 राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश तक फैले हुए थे।

भारत के मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ और दो अन्य न्यायाधीशों की पीठ ने एनटीए को सभी छात्रों के परिणाम - शहर-वार और केंद्र-वार - शनिवार यानी 20 जुलाई को दोपहर 12 बजे तक ऑनलाइन अपलोड करने का निर्देश दिया।

कोर्ट ने कहा कि नीट यूजी 2024 के अंक "उम्मीदवारों की पहचान छिपाते हुए" प्रकाशित किए जाएंगे। इसके साथ ही कोर्ट ने सोमवार तक काउंसलिंग पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। सॉलिसिटर जनरल ने कहा, 'काउंसलिंग में कुछ समय लगेगा। यह 24 जुलाई के आसपास शुरू होगी।'

इससे पहले, याचिकाकर्ताओं ने अधिवक्ता नरेंद्र हुड्डा के माध्यम से यह आरोप लगाया कि छात्रों को सूचित किए बिना नीट यूजी 2024 का पाठ्यक्रम बढ़ा दिया गया और पिछले वर्ष की तुलना में 550 से 720 अंक प्राप्त करने वाले नीट 2024 उम्मीदवारों की संख्या में पांच गुना वृद्धि हुई। नरेंद्र हुड्डा ने पीठ को बताया कि नीट यूजी पेपर लीक करने की साजिश एक महीने पहले ही रची गई थी।

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सॉल्वरों ने 1 घंटे में हल किया पेपर

एनटीए के वकील ने कहा कि कोई पेपर लीक नहीं हुआ। इस पर सीजेआई ने कहा- 'ठीक है, पेपर के साथ छेड़छाड़ कब हुई?' सॉलिसिटर जनरल ने कहा, "यह एक विशेष केंद्र पर हुआ, सुबह 8.02 से 9.23 बजे के बीच एक व्यक्ति अंदर गया और पेपर की तस्वीर लेकर और बाहर आया।"

सीजेआई ने कहा कि आपके अनुसार छात्रों को सुबह 10.15 बजे पेपर मिला। इसमें 180 प्रश्न हैं। क्या यह संभव है कि कोई व्यक्ति 9.30 से 10.15 के बीच मात्र 45 मिनट में पेपर हल करके छात्रों को दे दे? सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि 7 सॉल्वर थे और उन्होंने 25-25 छात्रों को बांटकर प्रश्न हल किए और छात्रों को याद करने के लिए दिए।

सीजेआई ने कहा, "इसका मतलब है कि पूरा पेपर 45 मिनट में हल करके छात्रों को दे दिया गया। इस पर एसजी ने कहा कि नहीं 1 घंटा...। सुनवाई के अंतिम चरण में न्यायालय ने पाया कि हजारीबाग और पटना परीक्षा केंद्रों को हैक कर लिया गया था और अभ्यर्थियों के अनुरोध और मांगों के बाद एनटीए को अलग-अलग परिणाम प्रदर्शित करने को कहा।

कोर्ट ने कहा- अंकन पैटर्न देखना जरूरी

केंद्रवार नीट यूजी 2024 परिणाम जारी करने पर एनटीए की आपत्ति का जवाब देते हुए, सीजेआई ने कहा, "जो हो रहा है वह यह है कि पटना और हजारीबाग में लीक हुआ है...प्रश्न पत्र प्रसारित किए गए थे। हम यह पता लगाना चाहते हैं कि क्या यह उन केंद्रों तक ही सीमित था या व्यापक था।

सीजेआई ने कहा, "हमें इस बात की चिंता है कि हैकिंग और परीक्षा के बीच कितना समय अंतराल था? अगर अंतराल 3 दिन का है, तो जाहिर है जोखिम अधिक है।" उन्होंने आगे कहा कि छात्र परेशानी में हैं क्योंकि उन्हें परिणाम नहीं पता है। हम चाहते हैं कि छात्रों की पहचान गुप्त रखी जाए लेकिन हमें केंद्रवार देखना चाहिए कि अंकन पैटर्न क्या था।

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