Santosh Kumar | June 18, 2024 | 06:10 PM IST | 2 mins read
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पटना एयरपोर्ट के सामने स्थित एनएचएआई गेस्ट हाउस के कमरा नंबर 404 में कई छात्र ठहरे हुए थे। अभ्यर्थियों के ठहरने की व्यवस्था सिकंदर नामक व्यक्ति ने की थी।
Predict your MBBS, BDS & AYUSH admission chances with the NEET College Predictor. Get personalized college recommendations based on rank, category & quota.
Try Now
नई दिल्ली: नीट पेपर लीक मामले में बड़ी खबर सामने आई है। बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने नीट पेपर लीक मामले में आरोपी अभ्यर्थी को गिरफ्तार कर लिया है। उसके नाम पर एनएचएआई निरीक्षण बंगले में एक कमरा बुक था। मिली जानकारी के मुताबिक आरोपी ने यहीं से नीट परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक किया था और इसी कमरे में ही अभ्यर्थियों को परीक्षा से एक दिन पहले नीट प्रश्नों के उत्तर रटाए गए थे।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पटना एयरपोर्ट के सामने स्थित एनएचएआई गेस्ट हाउस के कमरा नंबर 404 में कई छात्र ठहरे हुए थे। अभ्यर्थियों के ठहरने की व्यवस्था सिकंदर नामक व्यक्ति ने की थी। एनएचएआई के निरीक्षण बंगले पर एंट्री रजिस्टर की जांच की गई तो इसमें अनुराग यादव नाम के व्यक्ति का नाम दर्ज था।
जांच में पता चला कि आरोपी जूनियर इंजीनियर सिकंदर ने ही अनुराग और कई अन्य लोगों के लिए NHAI के इस निरीक्षण बंगले में रहने का इंतजाम किया। बाद में इन लोगों को यहां से बाकी बचे 30 से ज्यादा अभ्यर्थियों के लिए बनाए गए 'सेफ हाउस' (जहां उत्तर याद कराए जाते थे) में ले जाया गया।
पेपर लीक मामले में पुलिस ने सबसे पहले सिकंदर नाम के शख्स को पकड़ा। बिहार पुलिस को उसके बारे में इनपुट मिले थे। आरोपी ने कई सेंटर और सेफ हाउस में पेपर सॉल्वर रखे थे। उनके पास पहले से ही प्रश्नपत्र थे। जांच में पता चला कि जूनियर इंजीनियर सिकंदर ने ही पेपर लीक की पूरी साजिश रची थी। उसके पास से कई नीट एडमिट कार्ड बरामद हुए हैं।
बिहार में नीट यूजी पेपर लीक मामले की जांच बिहार आर्थिक अपराध इकाई कर रही है। जांच के दौरान 6 पोस्ट डेटेड चेक भी बरामद किए गए थे। आर्थिक अपराध इकाई के मुताबिक सभी चेक माफियाओं के नाम पर जारी किए गए थे। यह भी आशंका जताई जा रही है कि अभ्यर्थियों से 30 से 40 लाख रुपए मांगे गए थे।
ईओयू ने नौ उम्मीदवारों (बिहार से सात और उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र से एक-एक) को भी जांच में शामिल होने के लिए नोटिस जारी किया है। सूत्रों के अनुसार, यह संदेह है कि इन नौ उम्मीदवारों ने बिहार के चार अन्य परीक्षार्थियों (जिन्हें ईओयू ने पहले ही गिरफ्तार कर लिया है) के साथ मिलकर परीक्षा से एक दिन पहले पटना के पास एक 'सेफ हाउस' में नीट परीक्षा के प्रश्नपत्र प्राप्त किए थे और उन्हें उत्तर रटाए थे।