Santosh Kumar | June 14, 2024 | 05:55 PM IST | 2 mins read
एनटीए ने ग्रेस मार्क्स पाने वाले 1,563 उम्मीदवारों के लिए नीट की दोबारा परीक्षा की घोषणा की है। ऐसे उम्मीदवारों के लिए परीक्षा दोबारा आयोजित की जाएगी।
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नई दिल्ली: नीट रिजल्ट पर सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के बाद शिक्षा मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के जरिए नीट अभ्यर्थियों को आश्वासन दिया है। धर्मेंद्र प्रधान ने कहा है कि केंद्र सरकार नीट परीक्षा मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार अभ्यर्थियों के हितों को सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। अभ्यर्थियों को आश्वस्त करना चाहता हूं कि किसी भी बच्चे के करियर के साथ खिलवाड़ नहीं होगा। शिक्षा मंत्री ने भरोसा दिलाया कि छात्रों की सभी चिंताओं का निष्पक्षता और समानता के साथ समाधान किया जाएगा।
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प्रधान ने एक्स पर पोस्ट में लिखा, "केंद्र सरकार नीट उम्मीदवारों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। किसी भी छात्र को नुकसान नहीं होगा और किसी भी बच्चे के करियर को खतरे में नहीं डाला जाएगा। नीट परीक्षा से संबंधित तथ्य माननीय सर्वोच्च न्यायालय के संज्ञान में हैं।"
शिक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार सभी आवश्यक कदम उठाएगी। उन्होंने कहा, "केंद्र सरकार छात्रों के हित में माननीय सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार सभी आवश्यक कदम उठाएगी। नीट की काउंसलिंग प्रक्रिया जल्द ही शुरू होगी और इस दिशा में बिना किसी भ्रम के आगे बढ़ना बहुत जरूरी है।"
हाल ही में एनटीए ने ग्रेस मार्क्स पाने वाले 1,563 उम्मीदवारों के लिए नीट की दोबारा परीक्षा की घोषणा की थी। जो छात्र दोबारा परीक्षा नहीं देना चाहते हैं, उन्हें ग्रेस मार्क्स जोड़े जाने से पहले अपने वास्तविक अंकों को स्वीकार करने का विकल्प दिया गया है। ऐसे उम्मीदवारों के लिए 23 जून को नीट परीक्षा दोबारा आयोजित की जाएगी। एनटीए ने अधिसूचना जारी कर दी है।
इससे पहले शिक्षा मंत्री प्रधान ने विपक्ष पर जोरदार पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि विपक्ष तथ्यों को जाने बिना ही संवेदनशील मुद्दे पर झूठ फैला रहा है। कांग्रेस नेता और अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के ट्वीट के जवाब में शिक्षा मंत्री ने कहा, "नीट परीक्षा मामले में एनटीए माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों का पालन करते हुए उचित कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है। माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार 1563 छात्रों की परीक्षा दोबारा आयोजित की जाएगी।"
उन्होंने आगे लिखा, "मैं कांग्रेस को याद दिलाना चाहता हूं कि पेपर लीक रोकने और नकल रहित परीक्षा कराने के लिए केंद्र सरकार ने इस वर्ष सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम पारित किया है, जिसमें कई कड़े प्रावधान हैं। कांग्रेस इस गलतफहमी में न रहे कि कार्रवाई नहीं होगी। इस अधिनियम के प्रावधानों को बहुत सावधानी से अमल में लाया जाएगा।"
बता दें कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने दावा किया कि मोदी सरकार ने शिक्षा मंत्री और एनटीए के ज़रिए "नीट घोटाले को छुपाना" शुरू कर दिया है। उन्होंने पूछा, "अगर नीट में पेपर लीक नहीं हुआ था तो - पेपर लीक के कारण बिहार में 13 आरोपियों को क्यों गिरफ्तार किया गया? क्या पटना पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने शिक्षा माफिया और रैकेट में शामिल संगठित गिरोहों को पेपर के बदले 30 लाख से 50 लाख रुपये के भुगतान का पर्दाफ़ाश नहीं किया?"