Press Trust of India | September 2, 2026 | 12:02 PM IST | 1 min read
एमपीएससी ड्रग इंस्पेक्टर परीक्षा महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग में औषधि निरीक्षक (ग्रुप-बी) के पदों पर भर्ती के लिए आयोजित की गई थी।

नई दिल्ली: मुंबई पुलिस ने महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) की औषधि निरीक्षक (Drug Inspector) (ग्रुप-बी) परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक मामले में 1 सितंबर को एक अभ्यर्थी को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार अभ्यर्थी ने परीक्षा में 7वीं रैंक हासिल की थी। इसके साथ ही इस मामले में गिरफ्तार किए गए लोगों की संख्या बढ़कर सात हो गई है।
अधिकारियों ने बताया कि मुंबई अपराध शाखा के संपत्ति प्रकोष्ठ ने ऋतुजा पाटिल को नंदुरबार से हिरासत में लिया। पुलिस के अनुसार, पाटिल को परीक्षा से पहले कथित तौर पर लीक प्रश्नपत्र मिल गया था और संदेह से बचने के लिए उसे जानबूझकर 10 सवालों के गलत जवाब देने की सलाह दी गई थी।
आगे बताया गया कि बाद में अभ्यर्थी को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे मुंबई अपराध शाखा की हिरासत में भेज दिया गया। पिछले सप्ताह अपराध शाखा ने 22 मार्च को आयोजित औषधि निरीक्षक (ग्रुप-बी) चयन परीक्षा का प्रश्नपत्र कथित तौर पर लीक होने के मामले में 6 लोगों को गिरफ्तार किया था।
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गिरफ्तार आरोपियों में एमपीएससी के तीन अधिकारी भी शामिल हैं। ऋतुजा पाटिल के अलावा, अन्य आरोपियों की पहचान एमपीएससी के सहायक अनुभाग अधिकारियों विश्वेश्वर दत्तात्रेय नकाते और गोपाल भट्टू मराठे, एमपीएससी के अवर सचिव अभिजीत गणपतराव लेंढवे, नंदुरबार स्थित कौटिल्य अकादमी के निदेशक प्रवीण दिलीप पाटिल तथा कथित सह-षड्यंत्रकारियों अमृत नामदेव पाटिल और लोकेश उर्फ गौरव राजेंद्र पाटिल के रूप में हुई है।
अपराध शाखा के अनुसार, आरोपियों ने कथित तौर पर परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र हासिल कर उसे अलग प्रश्नपत्र के रूप में तैयार किया और अनधिकृत लोगों को वितरित किया। यह परीक्षा महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग में औषधि निरीक्षक (ग्रुप-बी) के पदों पर भर्ती के लिए आयोजित की गई थी।