Maharashtra News: अत्यधिक चीनी के सेवन से स्कूली बच्चों में बढ़ रहा टाइप-2 डायबिटीज का खतरा, मंत्री ने बताया
Santosh Kumar | July 9, 2025 | 08:45 PM IST | 1 min read
इससे पहले, सीबीएसई ने भी अपने संबद्ध स्कूलों को बच्चों के चीनी सेवन पर नजर रखने और उसे कम करने के लिए 'शुगर बोर्ड' लगाने का निर्देश दिया।
मुंबई: महाराष्ट्र के स्कूल शिक्षा मंत्री दादाजी भुसे ने बुधवार (9 जुलाई) को कहा कि स्कूलों के आसपास आसानी से उपलब्ध मिठाइयों और शर्करा युक्त पेय पदार्थों के अत्यधिक सेवन से बच्चों में 'टाइप-2 मधुमेह' का खतरा बढ़ गया है।
भूसे ने विधानसभा में बताया कि केंद्र सरकार ने 1 जुलाई को सभी राज्यों को पत्र भेजकर कहा है कि बच्चों में असंतुलित खानपान की वजह से मोटापा बढ़ रहा है। यह जानकारी उन्होंने शिवसेना विधायक और अन्य विधायकों के सवाल के लिखित जवाब में दी।
स्कूल में 'शुगर बोर्ड' लगाने को कहा
भूसे ने कहा कि बच्चों में 'टाइप-2 डायबिटीज' को रोकने और मीठे खाद्य व पेय पदार्थों के सेवन को कम करने के लिए स्कूलों में 'शुगर बोर्ड' लगाए जाएंगे ताकि छात्र चीनी के अत्यधिक सेवन के खतरों के प्रति जागरूक हो सकें।
उन्होंने बताया कि बोर्ड ने सभी स्कूलों को ‘शुगर बोर्ड’ लगाने के निर्देश दिए हैं। टाइप-2 डायबिटीज ऐसी बीमारी है जिसमें शरीर या तो पर्याप्त इंसुलिन नहीं बनाता या उसे ठीक से इस्तेमाल नहीं कर पाता, जिससे खून में शुगर की मात्रा बढ़ जाती है।
बच्चों में टाइप 2 डायबिटीज के मामले बढ़े
इससे पहले, सीबीएसई ने भी अपने संबद्ध स्कूलों को बच्चों के चीनी सेवन पर नजर रखने और उसे कम करने के लिए 'शुगर बोर्ड' लगाने का निर्देश दिया। सीबीएसई ने कहा कि पिछले एक दशक में बच्चों में टाइप 2 डायबिटीज के मामले बढ़े हैं।
रिपोर्ट में बताया गया है कि स्कूलों में मिलने वाले मीठे स्नैक्स, ड्रिंक और प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों के ज्यादा इस्तेमाल से बच्चों की सेहत खराब हो रही है। यह निर्देश राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) ने दिया।
अगली खबर
]UP News: यूपी में कक्षा 6 से 8 तक की एनसीईआरटी की किताबों में वैदिक गणित को किया जाएगा शामिल
इसे पढ़ाई में शामिल करने का उद्देश्य बच्चों की गणना क्षमता को बढ़ाना, गणित के प्रति भय को कम करना और भारतीय ज्ञान परंपरा को पुनः बढ़ावा देना है। यह कदम नई शिक्षा नीति 2020 के तहत उठाया गया है।
Santosh Kumar | 1 min readविशेष समाचार
]- JEE Main 2026 Session 2: जेईई मेन सेशन 2 के लिए परसेंटाइल, रॉ मार्क्स व नॉर्मलाइजेशन का सरल विश्लेषण जानें
- JEE Main 2026: एनआईटी भोपाल में बीटेक प्रवेश के लिए जेईई मेन में कितने अंक होने चाहिए; जानें कटऑफ, फीस, पैकेज
- JEE Main 2026 Cutoff for General Category: जेईई मेन 2026 के लिए सामान्य कैटेगरी की अपेक्षित कटऑफ जानें
- JEE Main 2026: एनआईटी पटना के लिए जेईई मेन में कितने मार्क्स चाहिए? जानें पात्रता, फीस, कटऑफ, औसत पैकेज
- JEE Main 2026: एनआईटी इलाहाबाद में प्रवेश के लिए जेईई मेन में कितने अंक चाहिए? पात्रता, फीस और कटऑफ जानें
- JEE Main 2026: एनआईटी दिल्ली के लिए जेईई मेन में कितने मार्क्स चाहिए? जानें पात्रता, फीस, कटऑफ, औसत पैकेज
- राजस्थान की शिक्षा व्यवस्था में बदलाव की तैयारी, ‘लाडू’, ‘रोटलो’ और ‘मोटो बापो’ जैसे स्थानीय शब्द होंगे शामिल
- राजस्थान में 7,000+ कम नामांकन वाले स्कूलों को मर्ज करने की तैयारी, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने जताया विरोध
- अगले 5 साल में 10 अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान स्थापित करने की योजना, आयुष मंत्री प्रतापराव जाधव ने दी जानकारी
- राज्यसभा में कांग्रेस सदस्य ने की हर स्कूल में छात्राओं के लिए अलग शौचालय सुनिश्चित करने की मांग