Press Trust of India | October 12, 2026 | 11:48 AM IST | 1 min read
अभ्यर्थी महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग में सुधारों सहित विभिन्न मांगों को लेकर पिछले दस दिनों से वहां प्रदर्शन कर रहे हैं। मुंढे के अलावा इस समिति में पूर्व न्यायाधीश दिलीप भोसले को अध्यक्ष बनाया गया है।

पुणे: पुणे में अभ्यर्थियों के आंदोलन के बीच महाराष्ट्र सरकार ने राज्य भर्ती निकाय एमपीएससी (महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग) में व्यापक सुधार के लिए रविवार को एक समिति का गठन किया और खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) आयुक्त तुकाराम मुंढे को इसका सचिव नियुक्त किया। राज्य के मंत्री शिवेंद्रराजे भोसले ने एसएम जोशी पुल पर अभ्यर्थियों से मुलाकात कर इस निर्णय की जानकारी दी।
अभ्यर्थी महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग में सुधारों सहित विभिन्न मांगों को लेकर पिछले दस दिनों से वहां प्रदर्शन कर रहे हैं। मुंढे के अलावा इस समिति में पूर्व न्यायाधीश दिलीप भोसले को अध्यक्ष बनाया गया है।
जबकि भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) की अधिकारी लक्ष्मी गौतम, भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के पूर्व अधिकारी गणेश पाटिल और सेवानिवृत्त न्यायाधीश पी डी नाईक को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है।
भोसले ने प्रदर्शनकारियों को यह भी आश्वासन दिया कि उनकी अन्य मांगों का समाधान किया जाएगा। इन मांगों में कुछ आंदोलनकारियों पर दर्ज मामले वापस लेना, 3 वर्षों में 70,000 पदों पर भर्तियां करना शामिल है।
साथ ही, जनवरी में 'ग्रुप सी' परीक्षा में सीटों की संख्या बढ़ाना और एमपीएससी के अध्यक्ष एवं सचिव की नियुक्ति से पहले उनके पूर्व रिकॉर्ड की जांच शामिल है। हालांकि, एमपीएससी अध्यक्ष पर सरकार का फैसला फिलहाल स्पष्ट नहीं है।
इस काउंसलिंग में 50% ऑल इंडिया कोटा (एआईक्यू) सीटों के साथ-साथ डीम्ड यूनिवर्सिटी, सेंट्रल यूनिवर्सिटी और AFMS संस्थानों की सीटें भी शामिल हैं। नीट पीजी 2026 में क्वालीफाई करने वाले सभी योग्य उम्मीदवार इस प्रक्रिया में भाग ले सकते हैं।
Santosh Kumar