Press Trust of India | January 9, 2026 | 08:26 AM IST | 1 min read
स्कूलों को निर्देश दिया गया कि गाड़ियां सिर्फ तय जगहों पर ही खड़ी की जाएं और केंद्रीकृत उद्घोषणा प्रणाली की व्यवस्था हो।

नई दिल्ली: लखनऊ पुलिस ने राजधानी स्थित स्कूल परिसरों के बाहर यातायात व्यवस्थाओं को लेकर उठ रही चिंताओं के मद्देनजर शहर के स्कूलों को नोडल यातायात अधिकारी नियुक्त करने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही, स्कूलों में यातायात प्रबंधन योजना लागू करने को भी कहा गया है।
संयुक्त पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) बबलू कुमार ने स्कूलों के प्रबंधकों, उनके प्रतिनिधियों और शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ एक बैठक की। बैठक में स्कूलों को यह सुनिश्चित करने को कहा गया कि गाड़ियां सिर्फ तय जगहों पर ही खड़ी की जाएं और केंद्रीकृत उद्घोषणा प्रणाली की व्यवस्था हो।
उन्होंने कहा कि 5वीं कक्षा तक के बच्चों को पांच-पांच के समूह में स्कूल परिसर के अंदर छोड़ा जाएगा। जिन स्कूलों में पार्किंग की जगह नहीं है, उन्हें गाड़ियों की पार्किंग के लिए आस-पास की जगहों को चिह्नित करने के लिए कहा गया है।
कुमार के मुताबिक, साथ ही बच्चों के अभिभावकों को यातायात पर दबाव कम करने के लिए स्कूल बसों या वैन का इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित किया गया। कुमार ने बताया कि अधिक यातायात वाले इलाकों में अतिक्रमण हटाने का अभियान भी चलाया जा रहा है।
इस बीच, इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने ‘ला मार्टिनियर गर्ल्स कॉलेज’, ‘लोरेटो कॉन्वेंट’, अनेक शाखाओं वाले ‘सिटी मोंटेसरी स्कूल’ और ‘सेठ एमआर जयपुरिया’ स्कूल के प्रधानाचार्यों या अधिकारियों को सुबह स्कूल खुलने और छुट्टी के बाद यातायात का प्रबंधन करने के पूर्व निर्धारित निर्देशों का पालन न करने पर तलब किया है। मामले की अगली सुनवाई 19 जनवरी को नियत की गई है।