परीक्षा की सुरक्षा और निष्पक्षता सुनिश्चित करना भी एक प्रमुख फोकस रहा है। नकल रोकने और अभ्यर्थियों को एक ही परीक्षा बार-बार देने से रोकने के लिए आधार-आधारित प्रमाणीकरण शुरू किया गया है।
अपने संबोधन में अनुराग ठाकुर ने आईआईटी मंडी की शैक्षणिक और आध्यात्मिक समृद्धि की सराहना करते हुए विद्यार्थियों से इस अद्वितीय वातावरण का पूर्ण लाभ उठाने का आह्वान किया।
बीसीईसीईबी आयुष नीट यूजी काउंसलिंग 2025 राज्य के सरकारी और निजी आयुष कॉलेजों में बीएएमएस, बीएचएमएस, बीयूएमएस (आयुष) पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आयोजित की जाती है।
यह पहल स्वच्छ भारत मिशन, आत्मनिर्भर भारत और संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) - विशेष रूप से एसडीजी 12 (जिम्मेदार उपभोग और उत्पादन) तथा एसडीजी 13 (जलवायु कार्रवाई) - के प्रति भारत की प्रतिबद्धता के अनुरूप है।