Saurabh Pandey | April 6, 2026 | 12:58 PM IST | 2 mins read
जेईई मेन 6 अप्रैल 2026 को आयोजित परीक्षा का स्तर कुल मिलाकर मध्यम था। सुबह की परीक्षा का प्रश्नपत्र जनवरी में आयोजित परीक्षा के प्रश्नपत्र से आसान था। हालांकि, 5 अप्रैल 2026 के प्रश्नपत्र और पिछली परीक्षाओं की तुलना में यह थोड़ा चुनौतीपूर्ण था।
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नई दिल्ली : नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) द्वारा जेईई मेन 2026 अप्रैल 6 के पहले सत्र की परीक्षा संपन्न हो चुकी है। जेईई मेन 6 अप्रैल 2026 को आयोजित परीक्षा का स्तर कुल मिलाकर मध्यम था। सुबह की परीक्षा का प्रश्नपत्र जनवरी में आयोजित परीक्षा के प्रश्नपत्र से आसान था। हालांकि, 5 अप्रैल 2026 के प्रश्नपत्र और पिछली परीक्षाओं की तुलना में यह थोड़ा चुनौतीपूर्ण था।
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गणित का प्रश्नपत्र कठिन और लंबा था, केमिस्ट्री का प्रश्नपत्र सामान्य था और एनसीईआरटी पर आधारित था, जबकि फिजिक्स गणना-आधारित था। विषयवार कठिनाई स्तर - गणित > केमिस्ट्री > फिजिक्स। सभी सेक्शंस में प्रश्न संतुलित थे।
विशेषज्ञों और छात्रों की प्रतिक्रिया के आधार पर, केमिस्ट्री का ओवरऑल स्तर 'मध्यम से कठिन' (Moderate to Tough) दर्ज किया गया। परीक्षा देकर निकले छात्रों के अनुसार, केमिस्ट्री का सेक्शन गणित की तुलना में आसान था, लेकिन भौतिक विज्ञान (Physics) के मुकाबले यह थोड़ा कठिन महसूस हुआ। अप्रैल 6 सुबह की शिफ्ट का पेपर 5 अप्रैल की दोनों शिफ्टों की तुलना में अधिक लंबा (lengthy) था। साथ ही, यह 2 और 4 अप्रैल को हुई परीक्षाओं से भी अधिक कठिन पाया गया।
जेईई मेन अप्रैल 6 फिजिक्स परीक्षा का स्तर कुल मिलाकर मध्यम था। सुबह की परीक्षा का प्रश्नपत्र जनवरी में आयोजित परीक्षा के प्रश्नपत्र से आसान था। हालांकि, 5 अप्रैल 2026 के प्रश्नपत्र और पिछली परीक्षाओं की तुलना में यह थोड़ा चुनौतीपूर्ण था। गणित का प्रश्नपत्र कठिन और लंबा था, केमिस्ट्री का प्रश्नपत्र सामान्य था और एनसीईआरटी पर आधारित था, जबकि फिजिक्स गणना-आधारित था।
विषयवार कठिनाई स्तर: गणित > रसायन विज्ञान > भौतिक विज्ञान। सभी अनुभागों में प्रश्न संतुलित थे।
गणित सेक्शन का ओवरऑल कठिनाई स्तर कठिन था। इस सत्र में गणित सेक्शन फिजिक्स और केमिस्ट्री सेक्शंस की तुलना में अपेक्षाकृत अधिक कठिन था। इस शिफ्ट में गणित सेक्शन 2, 4 और 5 अप्रैल के सत्रों (दोनों शिफ्टों) की तुलना में अधिक कठिन था। गणित सेक्शन जनवरी सत्र के JEE Main 2026 के समान था।
कुल मिलाकर, गणित सेक्शन अन्य सेक्शंस की तुलना में अधिक लंबा और समय लेने वाला था। इस शिफ्ट में कई प्रश्नों के उत्तर देने के लिए छात्रों को सूत्रों पर निर्भर रहने के बजाय अवधारणाओं की मजबूत समझ की आवश्यकता थी। ज्यामिति और बीजगणित जैसे विषयों का भार अधिक था और उनमें अपेक्षाकृत कठिन प्रश्न शामिल थे।