Trusted Source Image

JMISU: जेएमआई छात्र संघ बहाल करने को लेकर प्रदर्शन के बीच जामिया मिल्लिया इस्लामिया परिसर में छात्र हुए दाखिल

Press Trust of India | October 18, 2026 | 12:04 PM IST | 2 mins read

आइसा ने एक बयान में कहा कि छात्रों ने परिसर को दोबारा खोलने की मांग को लेकर दोपहर करीब तीन बजे गेट नंबर सात पर जुटना शुरू किया।

जामिया मिल्लिया इस्लामिया, नई दिल्ली। (इमेज-आधिकारिक एक्स/JMI)
जामिया मिल्लिया इस्लामिया, नई दिल्ली। (इमेज-आधिकारिक एक्स/JMI)

नई दिल्ली: जामिया मिल्लिया इस्लामिया में छात्र संघ बहाल करने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्र शनिवार को पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने और विश्वविद्यालय प्रशासन की चेतावनियों के बावजूद परिसर में दाखिल हो गए। ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) के अनुसार, पिछले पांच दिनों से भूख हड़ताल कर रहे छात्रों को शनिवार सुबह करीब पांच बजे परिसर से हटा दिया गया। इसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने परिसर को सील कर दिया और उसके प्रवेश द्वार बंद कर दिए।

आइसा ने एक बयान में कहा कि छात्रों ने परिसर को दोबारा खोलने की मांग को लेकर दोपहर करीब तीन बजे गेट नंबर सात पर जुटना शुरू किया। पुलिस द्वारा कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने के बावजूद छात्रों का एक समूह परिसर में दाखिल हो गया और धरने पर बैठा रहा। आइसा की जामिया इकाई के सचिव सौरभ ने परिसर बंद करने के प्रशासन के फैसले पर सवाल उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन ने छात्रों से बातचीत करने से इनकार कर दिया और उनके प्रदर्शन को दबाने के लिए बल प्रयोग किया।

उन्होंने कहा, “विश्वविद्यालय उसके छात्रों से बनता है। फिर प्रशासन ने किस अधिकार से परिसर बंद कर दिया?” उन्होंने इस कदम को अवैध और लोकतंत्र विरोधी बताया। आइसा ने परिसर को दोबारा खोलने और छात्रों को पुस्तकालय तथा कैंटीन जैसी आवश्यक सुविधाओं तक पहुंच देने की मांग की। संगठन ने छात्र संघ को बहाल करने के प्रति अपना समर्थन दोहराते हुए लोकतांत्रिक और छात्र-नेतृत्व वाले परिसर की मांग की।

Also readScholarship: छात्रवृत्ति में देरी के लिए पीएसी 6 राज्यों के मुख्य सचिवों के खिलाफ लाएगी विशेषाधिकार प्रस्ताव

विश्वविद्यालय के एक अधिकारी ने कहा कि छात्रों को निर्धारित स्थल पर प्रदर्शन करने के लिए बार-बार नोटिस दिए गए थे, लेकिन वे मुख्य द्वार और गेट नंबर सात के पास लॉन में शैक्षणिक गतिविधियों में बाधा डालते रहे। अधिकारी ने कहा कि जामिया में पहले से ही एक व्यवस्था है, जिसके तहत प्रत्येक विभाग और केंद्र में छात्रों के तीन निर्वाचित प्रतिनिधि होते हैं। ये प्रतिनिधि छात्रों की समस्याएं और चिंताएं उठा सकते हैं।

अधिकारी के अनुसार, प्रशासन छात्र संघ की मांग के विरोध में नहीं है, लेकिन इस प्रक्रिया को शुरू करने के लिए कोई ज्ञापन नहीं सौंपा गया है। अधिकारी ने कहा, “जब कोई ज्ञापन ही नहीं सौंपा गया है, तो हम प्रक्रिया कैसे शुरू कर सकते हैं? कोई समिति गठित नहीं की जा सकती।”

अधिकारी ने बताया कि एक छात्र को एक साल के लिए निष्कासित कर परिसर में प्रवेश करने से रोक दिया गया है। हालांकि, इस फैसले के खिलाफ अपील करने का प्रावधान है। दो अन्य छात्रों को छह महीने के लिए परिसर में प्रवेश करने से रोक दिया गया है। उनके मामलों की समीक्षा अनुशासन समिति करेगी। यह प्रदर्शन जामिया में छात्र संघ के चुनाव कराने की मांग फिर से जोर पकड़ने के बाद हो रहा है। छात्र लंबे समय से निर्वाचित छात्र प्रतिनिधि निकाय को बहाल करने की मांग कर रहे हैं।

MakeCAREERS360
My Trusted Source
Trusted Source ImageAdd as a preferred source on google
[

विशेष समाचार

]