Indian Carbon Garden: समरकंद स्टेट यूनिवर्सिटी में बना ‘इंडियन कार्बन गार्डन’, डीयू प्रोफेसर ने किया डिजाइन
Abhay Pratap Singh | October 16, 2026 | 03:41 PM IST | 2 mins read
भारत के कई कॉलेजों में पहले ही कार्बन गार्डन स्थापित किए जा चुके हैं और भविष्य में कई स्थानों पर ऐसे गार्डन बनाए जाएंगे।
नई दिल्ली: दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) के भारतीय प्रोफेसर द्वारा डिजाइन और विकसित किए गए कार्बन गार्डन की स्थापना अब उज़्बेकिस्तान के समरकंद शहर में भी की गई है। इसे समरकंद स्टेट यूनिवर्सिटी में बनाया गया है। इस कार्बन गार्डन का उद्घाटन दिल्ली विश्वविद्यालय की ‘रिसर्च, इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप काउंसिल’ के अध्यक्ष और भारत के पहले कार्बन गार्डन के संस्थापक प्रो. दीनबंधु साहू ने किया।
इस अवसर पर संबोधित करते हुए प्रोफेसर रुस्तम खालमुरादोव ने कहा कि कार्बन गार्डन की स्थापना न केवल उज़्बेकिस्तान के लिए, बल्कि पूरे मध्य एशियाई क्षेत्र के लिए बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह क्षेत्र जलवायु परिवर्तन (क्लाइमेट चेंज) के प्रति बहुत संवेदनशील है।
आगे कहा, यह उज़्बेकिस्तान और भारत के बीच वैज्ञानिक और शैक्षणिक सहयोग की दिशा में एक बहुत ही अहम कदम है। हम और अधिक शैक्षणिक और सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रमों के जरिए इस रिश्ते को और मजबूत करना चाहते हैं। हमें इस क्षेत्र में एक मजबूत ‘जर्मप्लाज्म’ (आनुवंशिक सामग्री) और महत्वपूर्ण फसलों का भंडार (रिपॉजिटरी) भी तैयार करने की जरूरत है।
कार्यक्रम में मौजूद शिक्षाविदों (जिनमें प्रो-वाइस चांसलर, निदेशक और विभागाध्यक्ष शामिल थे) को संबोधित करते हुए प्रो. दीनबंधु साहू ने कहा कि हमें अलग-अलग देशों में, विशेष रूप से मध्य एशियाई देशों में, ऐसे और भी कार्बन गार्डन स्थापित करने चाहिए। इससे लोगों में इन गार्डन्स के महत्व के बारे में जागरूकता आएगी, जो कि एक ‘इकोसिस्टम सर्विस मॉडल’ और एक छोटा ‘बायोडायवर्सिटी पार्क’ (जैव विविधता पार्क) भी हैं।
उन्होंने बताया कि भारत के कई कॉलेजों में पहले ही कार्बन गार्डन स्थापित किए जा चुके हैं और भविष्य में और भी कई जगह ऐसे गार्डन बनाए जाएंगे।
समरकंद विश्वविद्यालय के पूर्व प्रो-वाइस चांसलर, प्रोफेसर मुहतोर नसीरोव, जिन्होंने हाल ही में भारत जाने वाले एक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया था, ने कहा कि हम इस क्षेत्र के अन्य हिस्सों में भी ऐसे और कार्बन गार्डन स्थापित करेंगे। इस अवसर पर समरकंद स्टेट यूनिवर्सिटी, उज्बेकिस्तान के रेक्टर (कुलपति) एवं उज्बेकिस्तान के सीनेटर (सांसद) प्रो. रुस्तम खालमुरादोव भी मौजूद रहे।
अगली खबर
]विशेष समाचार
]- IIM Lucknow: आईआईएम लखनऊ ने फैमिली बिजनेस में एमबीए प्रोग्राम लॉन्च किया, पहला बैच जुलाई 2027 में, फीस जानें
- IRIS 2026: 27 क्षेत्रों के 54 स्कॉलर्स को मिला फैकल्टी रिसर्च अवार्ड; आईआईटी, एम्स, आईआईएम के शोधकर्ता शामिल
- IRIS 2026: इंडिया रिसर्च एंड इम्पैक्ट समिट 1 अक्टूबर को, नीति आयोग सदस्य समेत कई दिग्गज एजुकेटर्स होंगे शामिल
- UPSC Mains Marks: केंद्रीय सूचना आयोग ने यूपीएससी मेंस के अंकों का विवरण प्रकाशित करने की सिफारिश की
- JEE Advanced: जेईई-एडवांस्ड में 3 प्रयास की मांग तेज, 12,000 से अधिक अभ्यर्थियों ने मंत्रालय को दिया प्रतिवेदन
- NITI Aayog Report: स्कूलों में छठी कक्षा से ही रोजगारपरक कौशल पर हो ध्यान, नीति आयोग का सुझाव
- आजादी के 80वें साल में भी 'कागजी' दावों के बीच फंसी शिक्षा व्यवस्था; पेपर लीक व बजट की कमी से जूझ रहे छात्र
- Teacher Vacancy Crisis: बिहार में टीचर्स के 2.70 लाख+ पद खाली; झारखंड, एमपी समेत कई राज्यों में हजारों वैकेंसी
- NEET 2026 Paper Leak: नीट पेपर तैयार और अनुवाद का काम एक ही समूह के शिक्षकों को देने से हुई गड़बड़ी - सूत्र
- MCC NEET Counselling 2026: नीट काउंसलिंग शेड्यूल जल्द, जेपी नड्डा ने की समीक्षा, छात्र-केंद्रित कई बड़े सुधार