आईआईटी रुड़की, समरकंद यूनिवर्सिटी मिलकर लॉन्च करेंगे संयुक्त मास्टर डिग्री प्रोग्राम, एमओयू साइन
Santosh Kumar | September 21, 2024 | 04:22 PM IST | 1 min read
समझौतों पर समरकंद यूनिवर्सिटी के निदेशक खलमुरादोव रुस्तम इब्रागिमोविच और आईआईटी रुड़की के निदेशक कमल किशोर पंत ने हस्ताक्षर किए।
नई दिल्ली: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की (आईआईटी रुड़की) और उज्बेकिस्तान के समरकंद स्टेट यूनिवर्सिटी (एसएएमएसयू) ने अकादमिक सहयोग बढ़ाने के लिए दो प्रमुख समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं। इनमें से एक समझौता संयुक्त मास्टर डिग्री प्रोग्राम (जेएमडीपी) शुरू करने के लिए है, जबकि दूसरा जल विज्ञान, पर्यावरण, सतत ऊर्जा और विज्ञान में अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए है।
समझौतों पर समरकंद यूनिवर्सिटी के निदेशक खलमुरादोव रुस्तम इब्रागिमोविच और आईआईटी रुड़की के निदेशक कमल किशोर पंत ने हस्ताक्षर किए। संयुक्त मास्टर डिग्री प्रोग्राम (जेएमडीपी) आईआईटी रुड़की के जल विज्ञान विभाग और समरकंद यूनिवर्सिटी के जल मौसम विज्ञान विभाग के बीच शुरू किया जाएगा।
यह कार्यक्रम जल की कमी, जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण क्षरण जैसे वैश्विक मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करेगा। यह एसएएमएसयू के छात्रों और संकाय को जल संसाधन प्रबंधन और स्थिरता में उन्नत कौशल हासिल करने में सक्षम बनाएगा।
समझौते पर निदेशक ने क्या कहा?
आईआईटी रुड़की अपनी विशेषज्ञता का उपयोग उज्बेकिस्तान में जल विज्ञान और उससे जुड़ी समस्याओं को हल करने के लिए करेगा। आईआईटी रुड़की के निदेशक कमल किशोर पंत ने कहा कि यह सहयोग जल और पर्यावरण से जुड़ी समस्याओं के लिए स्थायी समाधान प्रदान करेगा।
आईआईटी रुड़की के डीन ऑफ इंटरनेशनल रिलेशंस विमल चंद्र श्रीवास्तव ने कहा कि इस साझेदारी से आईआईटी रुड़की की अंतरराष्ट्रीय पहचान मजबूत होगी और विभिन्न संस्कृतियों के बीच शैक्षणिक आदान-प्रदान बढ़ेगा।
वहीं समरकंद विश्वविद्यालय के निदेशक इब्रागिमोविच ने कहा कि ये समझौते जलवायु चुनौतियों से निपटने और शोध एवं शिक्षा में सुधार के लिए दोनों संस्थानों की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि इस साझेदारी से दोनों संस्थानों की अंतरराष्ट्रीय स्थिति मजबूत होगी।
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