Press Trust of India | August 26, 2026 | 07:35 PM IST | 1 min read
सुक्खू ने जोर देकर कहा कि सरकार स्वास्थ्य सेवाओं में गुणवत्ता को प्राथमिकता दे रही है और इस क्षेत्र में आउटसोर्सिंग व्यवस्था को कम करने का इरादा रखती है।

नई दिल्ली: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बुधवार को कहा कि अगले चार-पांच महीनों में सभी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पतालों में स्टाफ नर्सों की नियुक्ति का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने बताया कि करीब 600 पदों के लिए साक्षात्कार की प्रक्रिया फिलहाल जारी है।
हिमाचल प्रदेश विधानसभा में 26 अगस्त को प्रश्नकाल के दौरान आउटसोर्सिंग के जरिए कर्मचारियों की नियुक्ति का मुद्दा उठा। मुख्यमंत्री ने इस दौरान सदन को बताया कि स्वास्थ्य क्षेत्र में आउटसोर्सिंग के जरिए होने वाली भर्तियों को कम किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज एवं अस्पतालों में स्टाफ नर्सों की नियुक्ति आउटसोर्सिंग के जरिए नहीं की जाएगी और इन पदों पर भर्ती लिखित परीक्षा के माध्यम से होगी। सुक्खू ने कहा कि सरकार का लक्ष्य अगले चार से पांच महीनों में सभी योग्य नर्सों को मेडिकल कॉलेज एवं अस्पतालों में तैनात करना है।
मुख्यमंत्री ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक दीपराज के सवाल का जवाब देते हुए कहा कि कोविड-19 महामारी के दौरान टांडा मेडिकल कॉलेज और इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी) में आउटसोर्सिंग के आधार पर नियुक्त कर्मचारियों को फिर से काम पर रखने की व्यवस्था की गई है।
उन्होंने कहा कि जो कर्मचारी दोबारा काम पर लौटना चाहते हैं, सरकार उन्हें फिर से नियुक्त करने पर विचार करेगी।
सुक्खू ने जोर देकर कहा कि सरकार स्वास्थ्य सेवाओं में गुणवत्ता को प्राथमिकता दे रही है और इस क्षेत्र में आउटसोर्सिंग व्यवस्था को कम करने का इरादा रखती है। सुक्खू ने दीपराज के मूल सवाल के जवाब में कहा कि राज्य में आउटसोर्स कर्मचारियों के नियमितीकरण के लिए फिलहाल कोई नीति लागू नहीं है।
काउंसलिंग प्राधिकरण ने कहा कि जो उम्मीदवार निर्धारित अवधि के भीतर दस्तावेज सत्यापन के लिए उपस्थित नहीं होंगे, उन्हें वर्तमान शैक्षणिक सत्र के लिए काउंसलिंग व प्रवेश प्रक्रिया से बाहर कर दिया जाएगा।
Abhay Pratap Singh