याचिकाकर्ताओं ने तत्काल सुनवाई की मांग करते हुए कहा है कि परीक्षा की निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए प्रश्नपत्र और आंसर की जारी करना आवश्यक है।
उम्मीदवारों को परीक्षा में बैठने के लिए आवंटित स्थान पर अपने ई-प्रवेश पत्र का प्रिंटआउट प्रस्तुत करना होगा। जो उम्मीदवार आवंटित स्थान पर जांच के लिए अपना ई-प्रवेश पत्र प्रस्तुत नहीं करेगा, उसे परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि कोचिंग संस्थान संवेदनशील बनें। उन्होंने कहा कि विधेयक में परिस्थिति व आवश्यकतानुसार भविष्य में संशोधन किया जा सकता है।
समिति द्वारा सत्र 2023-25 की द्वितीय वर्ष की परीक्षा 16 से 19 जून तक और सत्र 2024-26 की प्रथम वर्ष की परीक्षा 21 से 27 जून तक दो पालियों में आयोजित की गई।