Press Trust of India | November 21, 2025 | 08:34 AM IST | 1 min read
डेरोजियो पुरस्कार हर साल सीआईएससीई द्वारा देश के उन शिक्षकों को दिया जाता है, जिन्होंने अपनी शैक्षिक भूमिकाओं - प्राथमिक, माध्यमिक, उच्चतर माध्यमिक और शैक्षिक नेतृत्व में महत्वपूर्ण बदलाव लाए हैं।

नई दिल्ली: भारतीय विद्यालय प्रमाणपत्र परीक्षा परिषद (सीआईएससीई) ने स्कूल शिक्षा और मानव विकास में उत्कृष्ट योगदान देने वाले चार शिक्षकों को प्रतिष्ठित ‘डेरोजियो अवॉर्ड 2025’ के लिए चुने जाने की बृहस्पतिवार (20 नवंबर) को घोषणा की।
‘एसोसिएशन ऑफ स्कूल्स फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट’ द्वारा चंडीगढ़ में शुक्रवार को ‘स्कूल हेड्स मीट’ के दौरान उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश और कर्नाटक उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश विक्रमजीत सेन इस सम्मान को प्रदान करेंगे।
डेरोजियो पुरस्कार हर साल सीआईएससीई द्वारा देश के उन शिक्षकों को दिया जाता है, जिन्होंने अपनी शैक्षिक भूमिकाओं - प्राथमिक, माध्यमिक, उच्चतर माध्यमिक और शैक्षिक नेतृत्व में महत्वपूर्ण बदलाव लाए हैं।
हर अवॉर्ड में 24 ग्राम का गोल्ड मेडल, प्रशस्ति पत्रक और एक लाख रुपये की प्राइज मनी होती है। सीआईएससीई के मुख्य कार्यकारी और सेक्रेटरी ने कहा, "इस साल के अवॉर्डी डेडिकेशन, इनोवेशन और गहरे मानवीय असर के साथ चमके हैं।"
यह सम्मान पाने वालों में गाजियाबाद के सेंट एंथोनी स्कूल के प्रिंसिपल शिनोज किझाक्केमुरिल, जमशेदपुर के गुलमोहर हाई स्कूल की प्रिंसिपल प्रीति सिन्हा, केरल के ऑक्सिलियम नव ज्योति स्कूल की प्रिंसिपल सीना जोसेफ और उत्तराखंड के जोशीमठ के साइंस ज्योति विद्यालय की टीजीटी कुसुम उनियाल शामिल हैं।
दो दिन की स्कूल हेड्स कॉन्फ्रेंस गुरुवार को चंडीगढ़ में शुरू हुई। पूरे भारत के 2,000 से ज़्यादा सीआईएससीई से जुड़े स्कूलों के हेड्स ने एजुकेशन सेक्टर में नए ट्रेंड्स पर चर्चा की। पुरस्कार समारोह आज आयोजित किया जाएगा।
छात्र आधिकारिक वेबसाइट hpsos.ac.in से एचपीएसओएस आंसर की डाउनलोड कर सकते हैं। बोर्ड ने सभी सब्जेक्ट के लिए आंसर की एक साथ जारी की हैं ताकि स्टूडेंट अपने संभावित स्कोर का अंदाजा लगा सकें।
Santosh Kumar