Press Trust of India | September 10, 2026 | 03:45 PM IST | 2 mins read
दिल्ली शिक्षा निदेशालय (DoE) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए गैर-सहायता प्राप्त निजी स्कूलों में कक्षा 2 और उससे ऊपर की खाली EWS सीटों पर ऑनलाइन एडमिशन शुरू कर दिए हैं।

नई दिल्ली : दिल्ली शिक्षा निदेशालय (DoE) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए गैर-सहायता प्राप्त निजी स्कूलों में कक्षा 2 और उससे ऊपर की खाली आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग ( EWS) और फ्रीशिप सीटों के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके साथ ही ऑनलाइन एडमिशन पोर्टल खुल चुका है और अभिभावक 20 सितंबर तक अपने बच्चों के आवेदन जमा कर सकते हैं।
शिक्षा निदेशालय के सर्कुलर के अनुसार, कंप्यूटर आधारित ड्रॉ 24 सितंबर को आयोजित होने की संभावना है। यह एडमिशन प्रक्रिया अल्पसंख्यक संस्थानों को छोड़कर सभी पात्र निजी स्कूलों की कक्षा 2 और उससे ऊपर की खाली सीटों के लिए है। अभिभावकों द्वारा चुने गए स्कूलों और उनके घर के पते के आधार पर कंप्यूटर ड्रॉ के जरिए सीटें आवंटित की जाएंगी।
ईडब्ल्यूएस श्रेणी के तहत एडमिशन के लिए परिवार की सभी स्रोतों से वार्षिक आय 5 लाख रुपये से कम होनी चाहिए। आवेदकों के पास दिल्ली सरकार के राजस्व विभाग द्वारा जारी आय प्रमाण पत्र होना अनिवार्य है। इसके अलावा, BPL, AAY राशन कार्ड या खाद्य सुरक्षा कार्ड धारक परिवारों के बच्चे भी इस प्रक्रिया के लिए आवेदन कर सकते हैं। आवेदक का दिल्ली का निवासी होना अनिवार्य है।
शिक्षा निदेशालय ने अलग-अलग कक्षाओं में प्रवेश के लिए आयु सीमा भी तय की है। 31 मार्च के अनुसार, कक्षा 2 में एडमिशन के लिए आवेदन करने वाले बच्चे की आयु कम से कम 6 वर्ष और 7 वर्ष से कम होनी चाहिए। सर्कुलर के अनुसार, कक्षा 9 तक प्रत्येक अगली कक्षा के लिए आयु सीमा में एक-एक वर्ष की वृद्धि होगी।
अभिभावक एक बच्चे के लिए केवल एक ही आवेदन पत्र जमा कर सकते हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि एक से अधिक आवेदन जमा करने पर उम्मीदवारी रद्द की जा सकती है। इसके अलावा, पसंदीदा स्कूल में दाखिला पाने के लिए गलत आवासीय पता देने वाले अभिभावकों को भी चेतावनी दी गई है। ऐसा करने पर संबंधित नियमों के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
कंप्यूटर ड्रॉ के बाद, चयनित उम्मीदवारों के दस्तावेजों की जांच और सत्यापन के लिए लगभग 30 जोनल टीमों का गठन किया जाएगा। शिक्षा निदेशालय ने यह भी दोहराया है कि निजी स्कूल प्रवेश प्रक्रिया के दौरान अभिभावकों से कोई कैपिटेशन फीस नहीं ले सकते और न ही किसी तरह के डोनेशन की मांग कर सकते हैं। इन नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।