Coaching Guidelines: कोचिंग संस्थान शत प्रतिशत नौकरी, चयन का नहीं कर सकेंगे दावा, केंद्र ने जारी की गाइडलाइंस
Press Trust of India | November 13, 2024 | 07:59 PM IST | 2 mins read
केंद्र की तरफ से जारी गाइडलाइंस के मुताबिक कोचिंग सेंटरों को पाठ्यक्रम की अवधि, पाठ्यक्रम वापसी के नियम और शर्तों, और प्रस्तावित किसी भी मुफ्त साक्षात्कार मार्गदर्शन कार्यक्रम के बारे में पारदर्शी जानकारी प्रदान करनी होगी।
नई दिल्ली : केंद्र ने बुधवार को कोचिंग संस्थानों द्वारा भ्रामक विज्ञापनों को विनियमित करने के लिए नए आज नई गाइडलाइंस जारी की हैं। जिसमें 100 प्रतिशत चयन या 100 प्रतिशत नौकरी सुरक्षा जैसे झूठे दावों पर रोक लगाई गई है। केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) द्वारा तैयार अंतिम दिशानिर्देश, राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन पर कई शिकायतों के मद्देनजर आए हैं।
वर्ष 2023 में संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने 1,016 पदों के लिए परीक्षा आयोजित की थी। हालांकि, कई कोचिंग संस्थानों ने अपने कार्यक्रमों से लगभग 3,000 सफल उम्मीदवारों का झूठा दावा किया। ऐसे भ्रामक दावों को रोकने के लिए सीसीपीए ने सख्त कदम उठाए हैं।
केंद्र की गाइडलाइंस
- केंद्र की तरफ से जारी गाइडलाइंस के मुताबिक कोचिंग सेंटरों को पाठ्यक्रम की अवधि, पाठ्यक्रम वापसी के नियम और शर्तों, और प्रस्तावित किसी भी मुफ्त साक्षात्कार मार्गदर्शन कार्यक्रम के बारे में पारदर्शी जानकारी प्रदान करनी होगी।
- सफलता के दावों वाले विज्ञापनों को वास्तविक साक्ष्य द्वारा समर्थित होना चाहिए।
- यदि कोई केंद्र सफल उम्मीदवारों की तस्वीरें या डेटा का उपयोग करता है, तो उन उम्मीदवारों से लिखित सहमति लेनी होगी।
- किसी भी प्रचार सामग्री की पहली स्लाइड पर आवश्यक जानकारी के साथ अस्वीकरण अवश्य दिखना चाहिए।
सीसीपीए ने अब तक 54 नोटिस जारी किए
सीसीपीए ने अब तक 54 नोटिस जारी किए हैं और लगभग 54.60 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। उपभोक्ता मामलों की सचिव निधि खरे ने संवाददाताओं से कहा कि हमने देखा है कि कोचिंग सेंटर जानबूझकर भावी छात्रों से जानकारी छिपा रहे हैं। इसलिए हम कोचिंग उद्योग से जुड़े लोगों को मार्गदर्शन प्रदान करने के लिए दिशानिर्देश लेकर आए हैं।
नियमों का उल्लंघन करने पर दंड
- नियमों का शुरुआती उल्लंघनों पर 1 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा।
- बार-बार या गंभीर उल्लंघन पर 50 लाख रुपये तक जुर्माना लगेगा।
- लगातार अनुपालन न करने पर कोचिंग संस्थान का लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा।
कोचिंग सुविधाओं में डूबने या बिजली के झटके जैसी अपर्याप्त सुरक्षा उपायों के कारण छात्रों की जान गंवाने की घटनाओं के बाद, सीसीपीए सख्त सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू कर रहा है। सुरक्षित शिक्षण वातावरण सुनिश्चित करने के लिए केंद्रों को विस्तृत सुरक्षा जानकारी प्रदान करनी होगी और स्थानीय नियमों का पालन करना होगा।
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