Press Trust of India | August 8, 2026 | 01:03 PM IST | 2 mins read
आइसा ने दावा किया कि झड़प की शुरुआत विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से हाल में जारी अधिसूचनाओं को लेकर हुई, जिनमें परिसर में किसी भी सभा के लिए पहले अनुमति लेने की अनिवार्यता भी शामिल है।

नई दिल्ली: अंबेडकर विश्वविद्यालय दिल्ली (ADU) में नए छात्रों के लिए आयोजित ‘ओरिएंटेशन’ कार्यक्रम के दौरान वाम समर्थित ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) और आरएसएस से संबद्ध अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के समर्थकों के बीच झड़प हो गई। आइसा ने एक बयान में आरोप लगाया कि प्रथम वर्ष के एमए राजनीति विज्ञान के छात्रों के ‘ओरिएंटेशन’ कार्यक्रम के दौरान एबीवीपी सदस्यों ने उसके कार्यकर्ताओं पर हमला किया।
संगठन ने दावा किया कि यह घटना उस समय हुई जब संकाय सदस्य कार्यक्रम स्थल से जा चुके थे और उसके सदस्य नए छात्रों से बातचीत कर रहे थे।
आइसा के अनुसार, एबीवीपी के एक सदस्य ने कथित तौर पर आइसा कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट की और उन्हें धमकी दी कि यदि उन्होंने विभाग में अपनी राजनीतिक गतिविधियां जारी रखीं तो उनके खिलाफ हिंसा की जाएगी। संगठन ने यह भी आरोप लगाया कि परिसर के सुरक्षाकर्मी देर से पहुंचे और उन्होंने झड़प में हस्तक्षेप नहीं किया तथा आइसा सदस्यों से वीडियो रिकॉर्डिंग बंद करने को कहा।
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आइसा ने दावा किया कि झड़प की शुरुआत विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से हाल में जारी अधिसूचनाओं को लेकर हुई, जिनमें परिसर में किसी भी सभा के लिए पहले अनुमति लेने की अनिवार्यता भी शामिल है। संगठन ने आरोप लगाया कि ये कदम छात्रों की लोकतांत्रिक गतिविधियों पर रोक लगाने के उद्देश्य से उठाए गए हैं।
AISA नेता जिज्ञासा ने एक बयान में कहा, “आइसा के एक कार्यकर्ता आमीन पर हमला, जो छात्र अधिकारों के लिए 23 दिन की भूख हड़ताल के बाद ठीक हो रहे हैं, एबीवीपी के पूरी तरह से नैतिक और राजनीतिक दिवालियापन को दिखाता है।” AISA ने सोशल मीडिया पर झगड़े का एक वीडियो भी शेयर किया है।
एबीवीपी ने कहा कि उसके वॉलंटियर्स ने अपने वार्षिक आउटरीच प्रोग्राम के तहत फ्रेशर्स की पढ़ाई और कैंपस से जुड़े सवालों में मदद के लिए एक हेल्पडेस्क बनाया। आइसा के कार्यकर्ता हेल्पडेस्क के पास गए भड़काऊ बातें कीं और उसे जबरदस्ती हटाने की कोशिश की। इस झड़प पर अंबेडकर यूनिवर्सिटी की ओर से तुरंत कोई जवाब नहीं आया।