Press Trust of India | July 31, 2026 | 09:25 AM IST | 2 mins read
प्रदर्शनकारी '14वीं जेपीएससी रद्द करो', 'जेपीएससी की सीबीआई जांच की सिफारिश करो' और 'जेपीएससी व जेएसएससी की कार्यप्रणाली में सुधार करो' जैसे नारे लिखी तख्तियां लेकर लोक भवन की ओर बढ़े।

रांची: ऑल झारखण्ड स्टूडेंट्स यूनियन (आजसू) पार्टी के युवा और छात्र प्रकोष्ठ ने झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में विरोध मार्च निकाला। 14वीं जेपीएससी परीक्षा के परिणामों में कथित अनियमितताओं की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की मांग को लेकर प्रदर्शनकारी जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में एकत्र हुए और वहां से मार्च निकाला।
प्रदर्शनकारी '14वीं जेपीएससी रद्द करो', 'जेपीएससी की सीबीआई जांच की सिफारिश करो' और 'जेपीएससी व जेएसएससी की कार्यप्रणाली में सुधार करो' जैसे नारे लिखी तख्तियां लेकर लोक भवन की ओर बढ़े।
हालांकि, पुलिस ने उन्हें राजभवन के मुख्य द्वार से पहले ही रोक दिया। आजसू छात्र संघ के अध्यक्ष ओम वर्मा ने आरोप लगाया, ''जेपीएससी की सीटें 25 लाख रुपये से लेकर एक करोड़ रुपये तक में बेची जा रही हैं।"
उन्होंने कहा कि छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। हम 14वीं जेपीएससी परीक्षा के परिणामों में कथित अनियमितताओं की सीबीआई जांच और जेपीएससी तथा जेएसएससी की कार्यप्रणाली में व्यापक सुधार की मांग करते हैं।
प्रदर्शनकारियों ने दावा किया कि 19 अप्रैल को आयोजित 14वीं जेपीएससी संयुक्त सिविल सेवा प्री परीक्षा में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि आयोग ने रिजल्ट से पहले श्रेणीवार कट-ऑफ अंक जारी नहीं किए।
आजसू के युवा प्रकोष्ठ के सदस्य ऋतुराज शाहदेव ने कहा, ''नीट प्रश्नपत्र लीक मामले की जिम्मेदारी केंद्र सरकार ने ली थी। उसी तरह सीएम हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली सरकार को भी जेपीएससी परीक्षा में हुई गड़बड़ी की जिम्मेदारी लेनी चाहिए।''
शाहदेव ने कहा कि मामला सीआईडी को सौंपा जा चुका है, लेकिन ''हमें उसकी जांच पर भरोसा नहीं है। कुछ गिरफ्तारियां दिखाकर मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है। हम इस पूरे मामले की सीबीआई जांच चाहते हैं।''
इस बीच, हजारीबाग जिले में संवाददाताओं से बातचीत करते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता बाबूलाल मरांडी ने भी जेपीएससी परीक्षा में कथित अनियमितताओं की सीबीआई जांच की मांग की।
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष मरांडी ने कहा, ''सरकार को जेपीएससी में तैनात संबंधित सभी सदस्यों को तत्काल उनके पदों से हटाना चाहिए और पूरे मामले की सीबीआई जांच कराकर दोषियों को जेल भेजना चाहिए।''
मरांडी ने कहा कि राज्य सरकार को एंटी पेपर लीक कानून की तर्ज पर कड़ा कानून लाना चाहिए। भाजपा सांसद आदित्य साहू के नेतृत्व में आज संसद भवन परिसर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष इसके विरोध में 'मौन उपवास' करेंगे।