Trusted Source Image

AIBE Exam: एआईबीई एग्जाम साल में दो बार होगा, अंतिम सेमेस्टर के छात्र कर सकेंगे आवेदन, बीसीआई ने दी जानकारी

Press Trust of India | January 20, 2026 | 10:03 PM IST | 2 mins read

वर्ष 2024 में, अदालत ने अंतरिम आदेश पारित कर अंतिम वर्ष के छात्रों को उस वर्ष आयोजित एआईबीई परीक्षा में बैठने की अनुमति दी थी।

विधि स्नातकों के वकालत करने के लिए प्रमाण पत्र प्राप्त करने के वास्ते इसमें शामिल होना आवश्यक है। (प्रतीकात्मक-फ्रीपिक)
विधि स्नातकों के वकालत करने के लिए प्रमाण पत्र प्राप्त करने के वास्ते इसमें शामिल होना आवश्यक है। (प्रतीकात्मक-फ्रीपिक)

नई दिल्ली: बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) ने मंगलवार (20 जनवरी) को उच्चतम न्यायालय को बताया कि उसने कानून के अंतिम वर्ष के छात्रों के अखिल भारतीय बार परीक्षा (एआईबीई) में शामिल होने के लिए नियम तैयार किए हैं और यह वर्ष में दो बार आयोजित की जाएगी। एआईबीई, बार काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित की जाने वाली परीक्षा है। विधि स्नातकों के वकालत करने के लिए प्रमाण पत्र प्राप्त करने के वास्ते इसमें शामिल होना आवश्यक है।

न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ 2024 में दायर एक रिट याचिका की सुनवाई कर रही थी, जिसमें अंतिम सेमेस्टर के छात्रों को एआईबीई में शामिल होने की अनुमति देने के निर्देश का अनुरोध किया गया था।

बीसीआई के वकील ने कोर्ट में दी जानकारी

पीठ ने दलीलें दर्ज कीं और याचिका का निस्तारण किया। बीसीआई के वकील ने दलील दी, ‘‘परीक्षा साल में दो बार होगी और एलएलबी के अंतिम सेमेस्टर के छात्रों को अंतिम परीक्षा उत्तीर्ण करने पर परीक्षा में बैठने की अनुमति दी जाएगी।’

वकील ने कहा कि इस संबंध में बीसीआई नियम, 2026 तैयार कर लिए गए हैं। वर्ष 2024 में, अदालत ने अंतरिम आदेश पारित कर अंतिम वर्ष के छात्रों को उस वर्ष आयोजित एआईबीई परीक्षा में बैठने की अनुमति दी थी।

Also readAIBE 21 Exam Date 2026: एआईबीई 21 परीक्षा 7 जून को, 11 फरवरी से रजिस्ट्रेशन, बीसीआई ने जारी किया शेड्यूल

इससे एक साल पहले, न्यायालय ने बीसीआई को इस संबंध में नियम बनाने का निर्देश दिया था। कोर्ट ने 20 सितंबर 2024 को, अंतिम वर्ष के छात्रों को राहत देते हुए बीसीआई को निर्देश दिया था कि उन्हें एआईबीई में बैठने की अनुमति दी जाए।

शीर्ष अदालत ने कहा था कि एलएलबी के अंतिम वर्ष के छात्रों को ‘‘अधर में नहीं छोड़ा जा सकता।’’ न्यायालय ने कहा था कि यदि उन्हें उस वर्ष ‘बार’ परीक्षा देने की अनुमति नहीं दी जाती है तो उनका एक साल बर्बाद हो जाएगा।

MakeCAREERS360
My Trusted Source
Trusted Source ImageAdd as a preferred source on google
[

विशेष समाचार

]

Download Our App

Start you preparation journey for JEE / NEET for free today with our APP

  • Students300M+Students
  • College36,000+Colleges
  • Exams550+Exams
  • Ebooks1500+Ebooks
  • Certification16000+Certifications