Santosh Kumar | December 22, 2024 | 02:53 PM IST | 2 mins read
बार काउंसिल ऑफ इंडिया जल्द एआईबीई 19 आंसर-की 2024 जारी करेगा। उत्तर कुंजी की मदद से उम्मीदवार अपने अंकों की गणना कर सकेंगे।
नई दिल्ली: बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) द्वारा आज यानी 22 दिसंबर को ऑल इंडिया बार एग्जामिनेशन (एआईबीई) 19 परीक्षा 2024 आयोजित की गई। बीसीआई ने एआईबीई 19 परीक्षा 2024 को एक ही पाली में सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक आयोजित किया। परीक्षा में शामिल हुए छात्रों के अनुसार, एआईबीई 19 परीक्षा 2024 का कठिनाई स्तर मध्यम से कठिन पाया गया। ऑल इंडिया बार एग्जामिनेशन 40 शहरों में बने 55 परीक्षा केन्द्रों पर आयोजित किया गया।
एआईबीई 19 2024 में शामिल हुए एक अभ्यर्थी के अनुसार, परीक्षा मध्यम कठिनाई वाली थी। वहीं, कुछ कोचिंग संस्थानों के अनुसार, एआईबीई 19 परीक्षा लंबी थी। एक अभ्यर्थी ने बताया कि परीक्षा में अधिकांश प्रश्न नए पाठ्यक्रम से थे।
एआईबीई परीक्षा में 100 बहुविकल्पीय प्रश्न (एमसीक्यू) होते हैं। अंकन योजना के अनुसार, उम्मीदवारों को प्रत्येक सही उत्तर के लिए एक अंक दिया जाएगा, गलत उत्तरों के लिए कोई नकारात्मक अंकन नहीं होगा।
बीसीआई ने अभी तक एआईबीई 19 की आंसर-की जारी करने की तारीख की पुष्टि नहीं की है। लेकिन पिछले रिकॉर्ड के अनुसार, बार काउंसिल ऑफ इंडिया आमतौर पर परीक्षा के कुछ दिनों बाद प्रोविजनल उत्तर कुंजी जारी करता है।
एआईबीई 19 रिजल्ट 2024 जल्द ही बीसीआई द्वारा जारी किए जाने की उम्मीद है। रिजल्ट से पहले, बार काउंसिल ऑफ इंडिया एआईबीई 19 आंसर-की 2024 जारी करेगा। उत्तर कुंजी की मदद से उम्मीदवार अपने अंकों की गणना कर सकेंगे।
सामान्य और ओबीसी श्रेणी के उम्मीदवारों को एआईबीई 19 परीक्षा में 100 में से कम से कम 45 अंक लाने होंगे। वहीं, एससी, एसटी और दिव्यांग श्रेणी के उम्मीदवारों को 100 में से कम से कम 40 अंक लाने होंगे।
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एआईबीई 19 उम्मीदवार नितिन शर्मा ने बताया कि पेपर मध्यम से कठिन था। उन्हें प्रश्नों को समझने में बहुत समय लगा क्योंकि कोई भी प्रश्न सीधा नहीं था। बीएनएसएस अनुभाग सबसे आसान था, जबकि संवैधानिक कानून के प्रश्न अधिक कठिन थे।
जोएल ने कहा कि प्रश्न चुनौतीपूर्ण थे, बेयर एक्ट्स और संक्षिप्त नोट्स ने काफी मदद की। डॉली ने कहा कि परीक्षा मध्यम थी, लेकिन इस बार कठिनाई का स्तर बढ़ा दिया गया था। कंपनी और श्रम कानून के प्रश्न कठिन लगे।
कुछ उम्मीदवारों ने बीसीआई को ओपन-बुक प्रारूप वापस लाने का सुझाव दिया मास्टर की पढ़ाई कर रहे सौरव को पेपर काफी कठिन लगा। उन्होंने बताया कि सवाल कानूनी सिद्धांत, संवैधानिक और पारिवारिक कानून पर आधारित थे।
बालादित्य ने कहा कि पेपर कठिन था। वहीं, अभ्यर्थी पूनम ने कहा कि बेयर एक्ट्स से काफी मदद मिली, क्योंकि ज्यादातर सवाल बेयर एक्ट्स पर आधारित थे। उन्होंने कहा कि परीक्षा केंद्र तो अच्छा था, लेकिन वहां पहुंचना मुश्किल था।