UPPSC Protest News: यूपीपीएससी अभ्यर्थियों के बीच आंदोलन में घुसे ‘अराजक तत्वों’ को पुलिस ने हिरासत में लिया
Press Trust of India | November 14, 2024 | 03:32 PM IST | 3 mins read
अधिकारी ने बताया कि किसी भी अभ्यर्थी को हिरासत में नहीं लिया गया। अभ्यर्थियों को हिरासत में लिए जाने का भ्रामक तथ्य फैलाया जा रहा है। यहां पर सभी से शांतिपूर्ण वार्ता की जा रही है।
नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) के पीसीएस प्री और आरओ-एआरओ की परीक्षा अलग-अलग दो दिन में संपन्न कराने के निर्णय के विरोध में अभ्यर्थियों का आंदोलन चौथे दिन भी जारी रहा। बृहस्पतिवार (14 नवंबर) को धरनास्थल पर कथित ‘‘अराजक तत्वों की घुसपैठ’’ पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उन्हें हिरासत में लिया।
पुलिस उपायुक्त (नगर) अभिषेक भारती ने बताया, “लोक सेवा आयोग के समक्ष अभ्यर्थी शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे हैं। 50-60 अभ्यर्थियों के बीच आपराधिक प्रवृत्ति के कुछ लोग घुस गए और प्रशासन से संवाद कर रहे अभ्यर्थियों को रोकने का प्रयास किया।’’ उन्होंने बताया, “ये अराजक तत्व, आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों को भड़काने का भी प्रयास कर रहे थे। पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया है। किसी भी अभ्यर्थी को हिरासत में नहीं लिया गया है। अभ्यर्थियों को हिरासत में लिए जाने का भ्रामक तथ्य फैलाया जा रहा है। यहां पर महिला पुलिस बल मौजूद है और सभी से शांतिपूर्ण वार्ता की जा रही है।”
भारती ने कहा, “जो भी अराजक तत्व अभ्यर्थियों के बीच आकर उन्हें बरगलाने का काम कर रहे हैं, उनके खिलाफ हम लोग नियम के अनुसार विधिक कार्रवाई कर रहे हैं। साथ ही यहां आयोग के सामने सड़क जाम करके आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों से निर्धारित धरनास्थल पर जाकर शांतिपूर्ण ढंग से धरना प्रदर्शन करने का अनुरोध किया जा रहा है।”
प्रदर्शनकारी अभ्यर्थी बृहस्पतिवार सुबह फिर धरना-प्रदर्शन में जुट गए और आयोग के अध्यक्ष संजय श्रीनेत के खिलाफ नारेबाजी की। बुधवार की शाम इन अभ्यर्थियों ने कैंडल मार्च निकाल कर विरोध प्रदर्शन किया। आंदोलन कर रहे अभ्यर्थी ज्ञानेंद्र कुमार ने कहा, ‘‘जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं होती, हम आंदोलन जारी रखेंगे चाहे यह आंदोलन एक सप्ताह चले या कई सप्ताह। आयोग के अड़ियल रवैये के खिलाफ हम कैंडल मार्च निकाल रहे हैं।’’
मंगलवार को उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने एक बयान जारी कर कहा था, “समय-समय पर अभ्यर्थियों के आग्रह पर बदलते समय की जरूरतों को देखते हुए व्यवस्था/परीक्षा प्रणाली में सुधार किया जाता रहा है।’’ आयोग ने कहा, “अभ्यर्थियों की सुविधा के मद्देनजर पीसीएस की मुख्य परीक्षा से वैकल्पिक विषय हटाने का अभूतपूर्व निर्णय किया गया। इसी तरह से, अभ्यर्थियों की स्केलिंग हटाने की मांग पूरी की गई।”
आयोग के सचिव अशोक कुमार का कहना है, “आयोग का दिशानिर्देश है कि सरकारी शिक्षण संस्थान को ही परीक्षा केंद्र बनाया जाए और केंद्र मुख्यालय से 10 किलोमीटर के दायरे में हो। इससे पूर्व जब पेपर लीक हुआ था तो इन्हीं अभ्यर्थियों ने मांग उठाई थी कि निजी संस्थानों को परीक्षा केंद्र न बनाया जाए।”
उन्होंने कहा, “जब सरकार ने छात्रों की मांग पर विचार करते हुए दिशानिर्देश बनाया तो अब ये अभ्यर्थी विरोध कर रहे हैं। पीसीएस परीक्षा के लिए 5,76,000 परीक्षार्थियों का पंजीकरण है, जबकि सभी 75 जनपदों में 4,35,000 परीक्षार्थियों के लिए ही केंद्र मिल पा रहे हैं। ऐसे में दो दिन परीक्षा कराना मजबूरी है।”
लोक सेवा आयोग के गेट के सामने धरने पर बैठे छात्रों के हाथों में अलग अलग नारे लिखी तख्तियां थीं जिसमें किसी में लिखा था “बंटेंगे नहीं, हटेंगे नहीं, न्याय मिलने तक एक रहेंगे”, तो किसी में लिखा था, “एक दिन, एक परीक्षा”। आयोग द्वारा पीसीएस प्री की परीक्षा के लिए सात और आठ दिसंबर की तिथि घोषित की गई है, वहीं समीक्षा अधिकारी- सहायक समीक्षा अधिकारी (आरओ-एआरओ) प्री की परीक्षा के लिए 22 और 23 दिसंबर की तिथि घोषित की गई है।
अगली खबर
]विशेष समाचार
]- IIM Lucknow: आईआईएम लखनऊ ने फैमिली बिजनेस में एमबीए प्रोग्राम लॉन्च किया, पहला बैच जुलाई 2027 में, फीस जानें
- IRIS 2026: 27 क्षेत्रों के 54 स्कॉलर्स को मिला फैकल्टी रिसर्च अवार्ड; आईआईटी, एम्स, आईआईएम के शोधकर्ता शामिल
- IRIS 2026: इंडिया रिसर्च एंड इम्पैक्ट समिट 1 अक्टूबर को, नीति आयोग सदस्य समेत कई दिग्गज एजुकेटर्स होंगे शामिल
- UPSC Mains Marks: केंद्रीय सूचना आयोग ने यूपीएससी मेंस के अंकों का विवरण प्रकाशित करने की सिफारिश की
- JEE Advanced: जेईई-एडवांस्ड में 3 प्रयास की मांग तेज, 12,000 से अधिक अभ्यर्थियों ने मंत्रालय को दिया प्रतिवेदन
- NITI Aayog Report: स्कूलों में छठी कक्षा से ही रोजगारपरक कौशल पर हो ध्यान, नीति आयोग का सुझाव
- आजादी के 80वें साल में भी 'कागजी' दावों के बीच फंसी शिक्षा व्यवस्था; पेपर लीक व बजट की कमी से जूझ रहे छात्र
- Teacher Vacancy Crisis: बिहार में टीचर्स के 2.70 लाख+ पद खाली; झारखंड, एमपी समेत कई राज्यों में हजारों वैकेंसी
- NEET 2026 Paper Leak: नीट पेपर तैयार और अनुवाद का काम एक ही समूह के शिक्षकों को देने से हुई गड़बड़ी - सूत्र
- MCC NEET Counselling 2026: नीट काउंसलिंग शेड्यूल जल्द, जेपी नड्डा ने की समीक्षा, छात्र-केंद्रित कई बड़े सुधार