Santosh Kumar | September 8, 2026 | 01:47 PM IST | 1 min read
बोर्ड ने एकेडमिक सेशन के लिए ऑनलाइन अटेंडेंस अनिवार्य कर दी है। इसके लिए एक खास वेब पोर्टल और मोबाइल ऐप बनाया गया है।

नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के सेकेंडरी स्कूलों में स्टूडेंट्स, टीचर्स और नॉन-टीचिंग स्टाफ की रोजाना ऑनलाइन अटेंडेंस दर्ज करने के सिस्टम में गंभीर लापरवाही सामने आई है। राज्य के 33 जिलों में अटेंडेंस 10 परसेंट से भी कम दर्ज की जा रही है। इन जिलों में प्रयागराज के साथ-साथ लखनऊ, कानपुर नगर, आगरा, गाजियाबाद, बुलंदशहर और गोरखपुर जैसे बड़े जिले भी शामिल हैं। यूपी बोर्ड ने ऐसे स्कूलों के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं।
बोर्ड के निर्देशों के अनुसार, राज्य के सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त और स्व-वित्तपोषित माध्यमिक स्कूलों में छात्रों, शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों की 100% उपस्थिति (वेब पोर्टल या मोबाइल ऐप के माध्यम से) अनिवार्य है।
सचिव भगवती सिंह ने 33 जिलों के जिला स्कूल इंस्पेक्टरों के खिलाफ सरकारी स्तर पर कार्रवाई की सिफारिश की है। साथ ही, जारी किए गए पत्र में यह भी कहा गया है कि 6 दिनों के भीतर 100% ऑनलाइन हाजिरी दर्ज की जानी चाहिए।
बोर्ड ने एकेडमिक सेशन के लिए ऑनलाइन अटेंडेंस अनिवार्य कर दी है। इसके लिए एक खास वेब पोर्टल और मोबाइल ऐप बनाया गया है, जिससे प्रिंसिपल पहले पीरियड के दौरान ही स्टूडेंट्स, टीचर्स और स्टाफ की अटेंडेंस अपलोड कर सकें।
10 प्रतिशत या उससे कम ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने वाले जिलों की सूची। (इमेज-एक्स/@upboardpryj)