Santosh Kumar | November 5, 2026 | 02:49 PM IST | 3 mins read
केवल वे उम्मीदवार जिन्हें काउंसलिंग प्रक्रिया के किसी भी राउंड में कोई सीट आवंटित नहीं हुई है, वे 'स्ट्रे-वैकेंसी राउंड' के लिए पात्र हैं। जिन उम्मीदवारों ने काउंसलिंग प्रक्रिया के माध्यम से प्रवेश प्राप्त कर लिया है, वे इस राउंड के लिए पात्र नहीं हैं।
Download the NEET Most Scoring Chapters and Topics PDF based on the past 5 years’ analysis. Focus on high-weightage topics and boost your NEET preparation.
Download EBook
नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण महानिदेशालय (डीजीएमई) ने यूपी नीट यूजी 2026 काउंसलिंग के स्ट्रे-वैकेंसी राउंड के लिए विस्तृत निर्देश जारी कर दिया है। यह स्टेट कोटा के तहत एमबीबीएस और बीडीएस सीटों पर प्रवेश का अंतिम चरण है, जिसमें सरकारी और निजी मेडिकल व डेंटल कॉलेजों की बची हुई खाली सीटों को भरा जाएगा। पंजीकरण प्रक्रिया आज सुबह 11 बजे शुरू हो गई है।
केवल वे उम्मीदवार जिन्हें काउंसलिंग प्रक्रिया के किसी भी राउंड में कोई सीट आवंटित नहीं हुई है, वे 'स्ट्रे-वैकेंसी राउंड' के लिए पात्र हैं। जिन उम्मीदवारों ने काउंसलिंग प्रक्रिया के माध्यम से प्रवेश प्राप्त कर लिया है, वे इस राउंड के लिए पात्र नहीं हैं।
इसके अलावा, वे उम्मीदवार जिन्हें काउंसलिंग के पहले, दूसरे या तीसरे राउंड में सीट आवंटित हुई, लेकिन वे रिपोर्ट करने में विफल रहे या जिन्होंने अपनी सीट छोड़ दी (इस्तीफा दे दिया), वे भी 'स्ट्रे-वैकेंसी राउंड' के लिए पात्र नहीं हैं।
'स्ट्रे-वैकेंसी राउंड' में भाग लेने के लिए, सभी पात्र उम्मीदवारों को नया पंजीकरण करना होगा और 2,000 रुपये का अलग पंजीकरण शुल्क जमा करना होगा। यह पंजीकरण शुल्क किसी भी परिस्थिति में वापस नहीं किया जाएगा।
जिन उम्मीदवारों ने पहले, दूसरे या तीसरे राउंड की काउंसलिंग के दौरान पंजीकरण तो कराया था लेकिन उन्हें कोई सीट आवंटित नहीं हुई, और जिन्होंने पहले ही 'सिक्योरिटी फीस' जमा कर दिया है, उन्हें दोबारा फीस जमा करने की आवश्यकता नहीं है।
जारी अधिसूचना के अनुसार, जिन उम्मीदवारों ने काउंसलिंग के पिछले राउंड में भाग नहीं लिया था और जो पहली बार 'स्ट्रे-वैकेंसी राउंड' में शामिल हो रहे हैं, उन्हें निर्धारित नियमों के अनुसार सिक्योरिटी डिपॉजिट जमा करना होगा।
जिन उम्मीदवारों ने काउंसलिंग के पहले, दूसरे या तीसरे राउंड के माध्यम से बीडीएस कोर्स में प्रवेश लिया है, वे स्ट्रे-वैकेंसी राउंड' के दौरान एमबीबीएस कोर्स के लिए चॉइस-फिलिंग प्रक्रिया में भाग लेने के पात्र होंगे।
ऐसे उम्मीदवारों को यह सुनिश्चित करना होगा कि वे निर्धारित नियमों के अनुसार, सरकारी या निजी संस्थानों में एमबीबीएस कोर्स के लिए आवश्यक सिक्योरिटी डिपॉजिट ऑनलाइन माध्यम से जमा कर दें।
जो उम्मीदवार सुरक्षा जमा नहीं कर पाएंगे, वे चॉइस फिलिंग के लिए पात्र नहीं होंगे। उम्मीदवारों को नीचे दी गई तालिका के अनुसार, ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से सुरक्षा जमा (सिक्योरिटी डिपॉजिट) जमा करनी होगी-
| विवरण | सिक्योरिटी मनी |
|---|---|
राजकीय क्षेत्र की मेडिकल/डेंटल पाठ्यक्रम की सीटों हेतु | ₹30,000 |
निजी क्षेत्र की मेडिकल पाठ्यक्रम की सीटों हेतु | ₹2,00,000 |
निजी क्षेत्र की डेंटल पाठ्यक्रम की सीटों हेतु | ₹1,00,000 |
सरकारी और निजी, दोनों क्षेत्रों (मेडिकल और डेंटल) में सीटों का विकल्प चुनने वाले उम्मीदवारों को 2 लाख रुपये की सुरक्षा राशि जमा करनी होगी। सरकारी और निजी, दोनों क्षेत्रों के डेंटल कॉलेजों में सीटों के लिए 1 लाख रुपये की राशि जमा करनी होगी।
उम्मीदवार धरोहर राशि जमा करते समय स्वयं के बैंक खाते का उपयोग करें, बाद में अनावंटित एवं प्रवेशित अभ्यर्थियों की धरोहर धनराशि उसी बैंक खाते में नियमानुसार वापस की जाएगी जिस खाते से धरोहर धनराशि का भुगतान किया गया है।
पंजीकरण के समय, उम्मीदवारों को अपने दस्तावेजों के ऑनलाइन सत्यापन के लिए upneet.gov.in पर एक नोडल केंद्र चुनना होगा। दस्तावेज सत्यापन के लिए नोडल केंद्रों की सूची यूपी नीट यूजी 2026 विवरणिका (ब्रोशर) में दी गई है।
एनएमसी ने स्नातकोत्तर (पीजी) और सुपर-स्पेशियलिटी (एसएस) चिकित्सा पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए, मौजूदा परसेंटाइल-आधारित व्यवस्था की जगह रैंक-आधारित मेधा प्रणाली लागू करने को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है।
Press Trust of India