Saurabh Pandey | October 23, 2026 | 08:54 AM IST | 2 mins read
इस योजना का उद्देश्य अनुसूचित जातियों के विद्यार्थियों के बीच वित्तीय सहायता प्रदान करके गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देना है। यह योजना 12वीं कक्षा से आगे की पढ़ाई के लिए अनुसूचित जातियों के विद्यार्थियों को कवर करेगी।

नई दिल्ली : देश के शीर्ष उच्च शिक्षण संस्थानों में पढ़ाई का सपना देख रहे अनुसूचित जाति (SC) के मेधावी छात्रों के लिए केंद्र सरकार ने बड़ी राहत दी है। सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने 'टॉप क्लास एजुकेशन स्कॉलरशिप स्कीम के तहत दिशानिर्देश जारी किए हैं। इसके तहत आईआईटी, आईआईएम, एम्स और एनएलयू जैसे देश के बड़े संस्थानों में प्रवेश लेने वाले पात्र छात्रों की पूरी पढ़ाई का खर्च अब सरकार उठाएगी।
इस योजना का उद्देश्य अनुसूचित जाति वर्ग के छात्रों को वित्तीय सहायता प्रदान करके, उनके बीच गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देना है। यह योजना 12वीं कक्षा के बाद की पढ़ाई करने वाले एससी छात्रों के लिए है। यह योजना उन सभी संस्थानों में लागू होगी, जिन्हें सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय द्वारा वित्त वर्ष 2024-25 से 2025-26 के लिए अधिसूचित किया गया है।
मान्यता प्राप्त संस्थानों में प्रवेश लेने वाले एससी वर्ग के छात्रों की पूरी ट्यूशन फीस का खर्च सरकार उठाएगी। निजी संस्थानों के लिए यह सीमा अधिकतम 2 लाख प्रति वर्ष तय की गई है। छात्रवृत्ति की राशि छात्र द्वारा प्रवेश लेने और कक्षाएं शुरू होने के तुरंत बाद दी जाएगी। ट्यूशन फीस और शैक्षणिक भत्ते की राशि केंद्र सरकार द्वारा डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए सीधे छात्रों के बैंक खाते में भेजी जाएगी। पैसा खाते में आने के बाद छात्रों को 1 महीने के भीतर अपने संस्थान में फीस जमा करना अनिवार्य होगा।
छात्रों को रहने का खर्च, किताबें, स्टेशनरी, और लैपटॉप/कंप्यूटर आदि खरीदने के लिए पहले वर्ष में 86,000 रुपये मिलेंगे। आगे के प्रत्येक वर्ष में 41,000 रुपये दिए जाएंगे। इस योजना का पूरा खर्च सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय द्वारा उठाया जाएगा।
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इस योजना के अंतर्गत देश के प्रमुख संस्थान जैसे IITs, IIMs, NITs, AIIMS, NLUs, NIFTs और केंद्र सरकार के अन्य प्रमुख संस्थान शामिल हैं। वित्त वर्ष 2021-22 से 2025-26 की अवधि के लिए कुल 21,500 छात्रवृत्तियों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसमें वर्ष 2025-26 के लिए 1,900 नई सीटें आवंटित की गई हैं।
इस योजना का लाभ उन एससी छात्रों को मिलेगा जिनके परिवार की सभी स्रोतों से कुल वार्षिक आय 8 लाख रुपये तक है और जिन्होंने अधिसूचित संस्थानों में प्रवेश प्राप्त किया है। यदि किसी संस्थान में पात्र छात्रों की संख्या आवंटित सीटों से अधिक होती है, तो छात्रवृत्ति का चयन प्रवेश परीक्षा की मेरिट सूची के आधार पर किया जाएगा।
इस योजना के तहत 30% सीटें पात्र एससी छात्राओं के लिए आरक्षित रखी गई हैं। इसके अतिरिक्त, एक परिवार के अधिकतम 2 बच्चों (भाई-बहनों) को ही इस योजना का लाभ मिल सकेगा।