Teachers’ Day 2024: भारत की विविधता में एकता के विचार पर हमले के प्रति बच्चों को आगाह करें - शिक्षकों से खड़गे
Press Trust of India | September 5, 2024 | 10:22 AM IST | 2 mins read
खड़गे ने कहा कि मैं इस मौके पर देश भर के शिक्षको से अपील करता हूं कि वे भविष्य में अपने छात्रों को संवैधानिक मूल्यों के बारे में भी बताते रहें।
नई दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने शिक्षक दिवस की पूर्व संध्या पर बुधवार को शिक्षकों से अपील करते हुए कहा कि वे (शिक्षक) भारत की विविधता में एकता के विचार पर हो रहे हमले के प्रति बच्चों को आगाह करें। साथ ही वर्तमान समय में इतिहास को खराब करने के प्रयासों के बारे में भावी पीढ़ी को शिक्षित करें।
खड़गे ने शिक्षकों से आग्रह किया कि वे अपने विद्यार्थियों को भारत के संविधान, उसके मूल्यों तथा संविधान की प्रस्तावना के महत्व के बारे में शिक्षित करते रहें। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि भारत में साल 1962 से डॉ. एस. राधाकृष्णन का जन्मदिन शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है।
उन्होंने कहा कि राधाकृष्णन चाहते थे कि उनके जन्मदिन को भारत के शिक्षकों के सम्मान में शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाए। इसी के बाद यह परंपरा शुरू हुई।
उन्होंने कहा, “हमारी संस्कृति में प्राचीन काल से ही गुरुओं को शिक्षक के रूप में सम्मान दिया जाता रहा है और उनका आदर किया जाता रहा है क्योंकि वे सच्चे राष्ट्र निर्माता हैं। वे न केवल किसी व्यक्ति को शिक्षित करते हैं, बल्कि राष्ट्र के भविष्य को आकार देते हैं।”
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खड़गे ने कहा कि वे समाज को सच्चाई, ईमानदारी और सत्य के मार्ग पर चलना सिखाते हैं। वे देशभक्ति, कड़ी मेहनत, समर्पण, न्याय और समानता के मूल्यों की शिक्षा देकर हमारी भावी पीढ़ियों का मार्गदर्शन और चरित्र निर्माण करते हैं।
खड़गे ने एक्स पर लिखा, “शिक्षा के साथ-साथ उनपर (शिक्षकों पर) हमारे देश के भविष्य को आकार देने, समाज को ईमानदारी और सत्य की सही राह बताने की जिम्मेदारी होती है।”
कांग्रेस अध्यक्ष ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘हम अपने शिक्षकों की कड़ी मेहनत और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान के लिए हमेशा उनके आभारी रहेंगे। इस अवसर पर मैं देश भर के सभी शिक्षकों से अपील करता हूं कि वे अपने विद्यार्थियों को भारत के संविधान, उसके मूल्यों तथा संविधान की प्रस्तावना के महत्व के बारे में शिक्षित करते रहें।”
खड़के ने आगे कहा आप भारत की विविधता के बारे बच्चों को अवगत कराएं। देश में “अनेकता में एकता” के भाव पर जो पिछले समय प्रहार हुआ है उसके दुष्परिणामों से सचेत करेंगे और इतिहास को मनगढ़ंत तरीके से बताने के कुप्रयासों को रोकेंगे तो देश की भावी पीढ़ी के लिए बहुत उपकार होगा।
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