Press Trust of India | January 27, 2026 | 09:25 PM IST | 1 min read
न्यायमूर्ति पी एस नरसिम्हा और न्यायमूर्ति विजय बिश्नोई की पीठ ने नीट पीजी के प्रश्न पत्रों को सार्वजनिक न करने की नीति के पीछे के तर्क पर संदेह जताया।
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नई दिल्ली: उच्चतम न्यायालय (SC) ने राष्ट्रीय परीक्षा बोर्ड द्वारा राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा - स्नातकोत्तर (NEET PG) 2025 परीक्षा के प्रश्न पत्रों और उत्तर कुंजी को सार्वजनिक नहीं किए जाने को चुनौती देने वाली याचिका पर विचार करने के लिए सहमति जताई है। पीठ ने कहा इस मामले की विस्तार से सुनवाई करेंगे।
न्यायमूर्ति पी एस नरसिम्हा और न्यायमूर्ति विजय बिश्नोई की पीठ ने नीट पीजी के प्रश्न पत्रों को सार्वजनिक न करने की नीति के पीछे के तर्क पर संदेह जताया।
पीठ ने कहा, “हम इस मामले की विस्तार से सुनवाई करेंगे। हमें अभी भी इसके लिए औचित्य की आवश्यकता है। हम पूरी तरह से संतुष्ट नहीं हैं। हम इसकी पड़ताल करेंगे।”
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उच्चतम न्यायालय नीट पीजी की उत्तर कुंजी और प्रश्न पत्रों को सार्वजनिक करने के अनुरोध संबंधी कई याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा है।
राष्ट्रीय परीक्षा बोर्ड ने न्यायालय में दाखिल हलफनामे में कहा कि उत्तर कुंजी और प्रश्न पत्रों को सार्वजनिक न करने की नीति का उद्देश्य इस ''राष्ट्रीय संपदा'' की रक्षा करना और विशेष रूप से कोचिंग संस्थानों द्वारा इसके दुरुपयोग को रोकना है।
न्यायमूर्ति जे. बी. पारदीवाला और न्यायमूर्ति के. वी. विश्वनाथन की पीठ ने 26 सितंबर को नीट पीजी 2025 की उत्तर कुंजी जारी करने के अनुरोध संबंधी याचिकाओं पर केंद्र सरकार तथा आयुर्विज्ञान में राष्ट्रीय परीक्षा बोर्ड को नोटिस जारी किया था।