Press Trust of India | February 11, 2026 | 09:51 PM IST | 1 min read
सुकांत मजूमदार द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार 2023 में 9.08 लाख से अधिक भारतीय छात्र अध्ययन के लिए विदेश गए।

नई दिल्ली: सरकार ने बुधवार को राज्यसभा को बताया कि पिछले तीन साल में उच्च शिक्षा के लिए विदेश जाने वाले भारतीय छात्रों की संख्या में लगातार गिरावट दर्ज की गई है। केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार ने एक सवाल के लिखित जवाब में उच्च सदन को यह जानकारी दी।
मजूमदार द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार 2023 में 9.08 लाख से अधिक भारतीय छात्र अध्ययन के लिए विदेश गए। उन्होंने बताया कि 2024 में ऐसे छात्रों की संख्या घटकर 7.7 लाख तथा 2025 में और घटकर 6.26 लाख रह गई।
उन्होंने कहा कि ये आंकड़े गृह मंत्रालय के आव्रजन ब्यूरो द्वारा 2023 से 2025 की अवधि के लिए प्रदान की गई जानकारी पर आधारित हैं। मंत्री ने कहा कि विदेश में पढ़ाई करना इच्छा और पसंद का मामला है जो कई कारकों पर निर्भर करता है।
इनमें सामर्थ्य, बैंक ऋण की उपलब्धता, विदेशी समाजों से संपर्क, किसी विशेष विषय में योग्यता आदि शामिल हैं। उन्होंने कहा कि सरकार वैश्विक कार्यस्थल की वास्तविकता को समझती है, विशेष रूप से ज्ञान अर्थव्यवस्था के युग में।
उन्होंने कहा कि सफल, समृद्ध और प्रभावशाली प्रवासी समुदाय को भारत के लिए संपत्ति के रूप में देखा जाता है। सरकार के प्रयास प्रवासी समुदाय की क्षमता का दोहन करने पर भी केंद्रित हैं, जिसमें ज्ञान और विशेषज्ञता का आदान-प्रदान शामिल है।
हाल ही में कैंपस में हुए इस रीयूनियन में 50 साल बाद देश और विदेश के पुराने छात्र इकट्ठा हुए। इस डोनेशन का मकसद इंस्टिट्यूट के खास एकेडमिक, रिसर्च और इंस्टीट्यूशनल कामों को मजबूत करना है।
Santosh Kumar