Press Trust of India | August 9, 2026 | 11:04 AM IST | 2 mins read
सरकार ने परीक्षाओं में कथित प्रश्नपत्र लीक को लेकर शनिवार को विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बात की, लेकिन समाधान नहीं निकला।

रांची: झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आंदोलन की अगुवाई करने वाले प्रमुख छात्र समूह 'जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म्स मंच' ने शनिवार को राज्य सरकार पर ''राजनीतिक चाल'' चलने का आरोप लगाया। यह आरोप प्रदर्शनकारियों के साथ बातचीत का एक और दौर आयोजित करने की सरकार की घोषणा के बाद लगाया गया। संगठन का आरोप है कि शुक्रवार रात हुई बैठक में सरकार के सामने सभी बातें रखने के बावजूद, समिति ने कांग्रेस और झामुमो से जुड़े छात्र संगठनों को बुलाया, जिनकी इस आंदोलन में कोई भूमिका नहीं थी।
मंच के एक नेता रवींद्र पासवान ने कहा, ''यह सरकार की राजनीतिक चाल है। वह छात्रों के बीच फूट डालने और लोगों का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है। लेकिन उन्हें पता होना चाहिए कि सभी छात्र एकजुट हैं।''
उन्होंने कहा, ''सरकार के इस रवैये से हम निराश हैं।'' पासवान ने कहा कि अगर सरकार मांगें पूरी नहीं करती है, तो राज्य भर से 50,000 से ज़्यादा छात्र 10 अगस्त को विधानसभा तक मार्च में शामिल होने के लिए रांची पहुंचेंगे।
सरकार ने परीक्षाओं में कथित प्रश्नपत्र लीक को लेकर शनिवार को विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बात की, लेकिन समाधान नहीं निकला। प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों ने सभी मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने का फैसला किया है।
सरकार की पांच सदस्यीय समिति ने सबसे पहले जेएलकेएम नेता देवेंद्र नाथ महतो के नेतृत्व वाले प्रदर्शनकारी गुट से मुलाकात की। महतो का इस मुद्दे को लेकर अनशन का शनिवार को सातवां दिन है। इस समिति में राज्य के मंत्री भी शामिल हैं।
इसके बाद समिति ने कांग्रेस समर्थित एनएसयूआई, एसीएस और जेसीएम के प्रतिनिधिमंडलों से बातचीत की। इससे पहले शुक्रवार रात को सरकार ने जेपीएससी/जेएसएससी रिफॉर्म मंच के प्रतिनिधिमंडल के साथ भी इसी तरह की वार्ता की थी।
प्रदर्शनकारियों के साथ संवाद के लिए गठित समिति में शामिल एक सदस्य ने बताया कि झारखंड सरकार प्रदर्शनकारी छात्रों के साथ रविवार को छठे दौर की बातचीत करेगी, जिसके बाद ही कोई अंतिम फैसला लिया जाएगा।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के साथ चार घंटे तक बैठक करने के बाद सदस्य ने बताया कि बातचीत दोपहर करीब 12 बजे होगी। समिति ने मुख्यमंत्री को प्रदर्शनकारियों के साथ हुई पिछली पांच दौर की बातचीत में हुई प्रगति के बारे में जानकारी दी।
प्रदर्शनकारी 14वीं जेपीएससी सिविल सेवा परीक्षा को रद्द करने और कथित अनियमितताओं की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) या राज्य के बाहर के उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की समिति से स्वतंत्र जांच कराने की मांग कर रहे हैं।
कुल 176 रिक्तियों के लिए परिणाम बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट uppbpb.gov.in पर उपलब्ध करा दिए गए हैं। चयन सूची 2020 से 2025 (1 जुलाई, 2020 से 30 जून, 2026 तक) के चयन वर्षों की रिक्तियों के आधार पर तैयार की गई है।
Santosh Kumar