Santosh Kumar | August 21, 2026 | 01:56 PM IST | 2 mins read
आशुतोष रांका ने कहा कि सरकारी स्कूलों की हालत पर सवाल उठाने और जवाबदेही की मांग करने आए सीजेपी कार्यकर्ताओं पर हमला किया गया।

जयपुर: जयपुर के बगरू विधानसभा क्षेत्र में एक सरकारी प्राइमरी स्कूल का दौरा करते समय 'कॉकरोच जनता पार्टी' (सीजेपी) की टीम को ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ा। आरोप है कि स्थानीय लोगों ने कार्यकर्ताओं को गांव से बाहर खदेड़ दिया और उनके खिलाफ विरोध-प्रदर्शन किया। यह घटना रामपुर-कंवरपुरा के सरकारी प्राइमरी स्कूल में हुई, जहां काजपा कार्यकर्ता इमारत की हालत का जायजा लेने और छात्रों व शिक्षकों से बातचीत करने पहुंचें थे। सीजेपी के मुख्य प्रवक्ता आशुतोष रांका, जो दौरा करने गई टीम में शामिल थे, ने भाजपा पर सीजेपी कार्यकर्ताओं की हत्या के लिए गुंडे भेजने का आरोप लगाया है।
आशुतोष रांका ने कहा कि सरकारी स्कूलों की हालत पर सवाल उठाने और जवाबदेही की मांग करने आए सीजेपी कार्यकर्ताओं पर हमला किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपीने सीजेपी कार्यकर्ताओं की हत्या के लिए गुंडे भेजे हैं।
बगरू के पुलिस उपाधीक्षक धर्मेंद्र शर्मा ने कहा कि उन्हें ऐसी किसी घटना की जानकारी नहीं है। कॉजपा कार्यकर्ताओं के गांव पहुंचने से पहले ही ग्रामीणों ने मुख्य रास्ते पर बैरिकेड लगा दिए और गांव में आने वाले वाहनों की जांच कर रहे थे।
इसके बाद ग्रामीणों और कॉजपा कार्यकर्ताओं के बीच टकराव हुआ जिसके बाद कार्यकर्ताओं को उस इलाके से बाहर निकाल दिया गया। बाद में ग्रामीणों ने स्कूल के बाहर धरना दिया और कॉजपा के खिलाफ नारे लगाए।
स्थानीय लोगों और बीजेपी कार्यकर्ताओं ने बताया कि सरकार ने स्कूल की मरम्मत के लिए पहले ही फंड मंज़ूर कर दिया है। स्कूल की इमारत को असुरक्षित घोषित कर दिया गया है और इसे छात्रों के लिए बंद कर दिया गया है।
जानकारी के अनुसार, गौशाला में क्लासें चल रही हैं। सीजेपी ने कहा था कि उसके सदस्य आज जयपुर के दो सरकारी स्कूलों का दौरा करेंगे ताकि शिक्षा व्यवस्था, इंफ्रास्ट्रक्चर और छात्रों को मिलने वाली सुविधाओं का जायजा लिया जा सके।
कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) सदस्यों द्वारा स्कूल भवनों के निरीक्षण की घोषणा के बाद शिक्षा विभाग ने बिना किसी ठोस कारण के बाहरी लोगों और मीडियाकर्मियों के स्कूलों में बिना अनुमति प्रवेश पर रोक लगा दी थी।
रांका ने प्रतिबंधों को लेकर कहा, "शिक्षा मंत्री राजस्थान में शिक्षा की खराब हालत को छिपाने के लिए तानाशाही रवैया अपना रहे हैं। हमारा मिशन तब तक जारी रहेगा जब तक राज्य के सभी सरकारी स्कूलों की हालत में सुधार नहीं हो जाता।"
निर्देशों के तहत, प्राचार्य/संस्था प्रधान की पूर्व अनुमति के बिना किसी भी बाहरी व्यक्ति को विद्यालय में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी, केवल ये शासकीय अधिकारी अपवाद होंगे, जो अपने आधिकारिक दायित्वों के निर्वाह हेतु विधिवत अधिकृत हों।
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