SBI YFI Fellowship 2026: एसबीआई यूथ फॉर इंडिया फेलोशिप पंजीकरण youthforindia.org पर शुरू, पात्रता मानदंड जानें
Saurabh Pandey | February 20, 2026 | 09:00 AM IST | 2 mins read
यह कार्यक्रम 13 महीनों तक चलता है। यह फेलोशिप प्रतिभागियों को पूरे भारत में ग्रामीण समुदायों के साथ मिलकर काम करने और सतत विकास प्रयासों में सहायता करने के लिए प्रेरित करती है।
नई दिल्ली : स्टेट बैंक ऑफ इंडिया यूथ फॉर इंडिया फेलोशिप 2026-27 के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इच्छुक और पात्र उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट register.youthforindia.org के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
एसबीआई यूथ फॉर इंडिया फेलाशिप के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों की आवेदन के समय आयु सीमा 21 से 32 वर्ष है। उम्मीदवार का जन्म 4 अगस्त 1994 और 5 अक्टूबर 2005 के बीच हुआ हो।
एसबीआई यूथ फॉर इंडिया फेलाशिप के लिए आवेदकों के पास किसी भी विषय में स्नातक डिग्री होनी चाहिए। पात्र उम्मीदवारों में भारतीय नागरिक, प्रवासी भारतीय नागरिक (ओसीआई), नेपाल और भूटान के नागरिक और एसबीआई कर्मचारी शामिल हैं।
SBI Youth for India Fellowship: 12 विषयगत क्षेत्रों पर केंद्रित फेलोशिप
एसबीआई वाईएफआई फेलोशिप 12 विषयगत क्षेत्रों पर केंद्रित है, जिनमें स्वास्थ्य, ग्रामीण आजीविका, खाद्य सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण, शिक्षा, जल, प्रौद्योगिकी, महिला सशक्तिकरण, स्वशासन, सामाजिक उद्यमिता, पारंपरिक शिल्प और वैकल्पिक ऊर्जा शामिल हैं। 13 महीने के इस कार्यक्रम के दौरान फेलो अपनी रुचि के अनुसार इनमें से किसी एक विषय पर कार्य करते हैं।
SBI Youth for India Fellowship: आवेदन प्रक्रिया के चरण
एसबीआई यूथ इंडिया फेलोशिप आवेदन प्रक्रिया दो चरणों में पूरी होती है- पहला चरण ऑनलाइन पंजीकरण और मूल्यांकन है, जिसके बाद ग्रुप प्रैक्टिस और चयन पैनल के साथ व्यक्तिगत बातचीत होती है। दूसरे चरण के चयनित उम्मीदवारों को आवेदन अवधि के दौरान ईमेल या एसएमएस के माध्यम से समय-समय पर सूचित किया जाएगा। कंफर्मेशन होने पर, उम्मीदवारों को ऑफर लेटर भेजा जाएगा, जिसमें कार्यक्रम का विवरण, फेलोशिप सहायता और फेलोशिप के नियम एवं शर्तें दी गई होंगी।
पिछले 14 वर्षों में, 12 बैचों के 700 से अधिक फेलो ने 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 250 से अधिक गांवों में कार्य किया है। वर्तमान में चल रहे 2025-26 बैच में 94 प्रशिक्षु जमीनी स्तर पर कार्यरत हैं। आयोजकों के अनुसार, प्रतिभागियों द्वारा संचालित सामुदायिक परियोजनाओं से दो लाख से अधिक लोगों को लाभ मिला है।
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