Samvidhan Divas 2024: संविधान दिवस पहली बार कब मनाया गया? जानें 75वीं वर्षगांठ पर इसका इतिहास
Saurabh Pandey | November 26, 2024 | 12:17 PM IST | 2 mins read
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य नेता संविधान सदन में संविधान दिवस समारोह में शामिल हुए।
नई दिल्ली : देशभर में हर वर्ष 26 नवंबर को संविधान दिवस मनाया जाता है। इस दिन भारत का संविधान अपनाया गया था। भारत गणराज्य का संविधान 26 जनवरी 1949 को बनकर तैयार हो गया था, लेकिन इसे आधिकारिक तौर पर 26 जनवरी 1950 को देश में लागू किया गया था। हमारे देश के संविधान को बनाने में दो वर्ष, 11 माह और 18 दिन का समय लगा था।
प्रधानमंत्री मोदी ने वर्ष 2015 में 26 नवंबर को संविधान दिवस मनाने का फैसला किया। इसके बाद से ही हर वर्ष इस दिन संविधान दिवस मनाया जाता है। इसी वर्ष 2015 में संविधान के रचयिता डॉ. भीमराव आंबेडकर की 125वीं जयंती थी। इसलिए बाबा साहेब को श्रद्धांजली देने के लिए इस वर्ष संविधान दिवस मनाने का निर्णय लिया गया था।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया साइल एक्स पर लिखा कि सभी देशवासियों को भारतीय संविधान की 75वीं वर्षगांठ के पावन अवसर पर संविधान दिवस की बहुत-बहुत शुभकामनाएं।
नई दिल्ली में संविधान दिवस - 2024 कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने देश को संबोधित किया। इस कार्यक्रम में कई लोग उपस्थित रहे।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल साइट एक्स पर लिखा कि संविधान दिवस’ की हार्दिक शुभकामनाएं। आज भारत पूरे उत्साह से संविधान की 75वीं वर्षगांठ मना रहा है। बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर जी सहित संविधान के सभी शिल्पियों के योगदान को चिरस्मरणीय बनाने के लिए मोदी जी ने ‘संविधान दिवस’ मनाने की शुरुआत की।
भारत जैसे विशाल देश के लोकतंत्र की शक्ति हमारा संविधान ही है, जो हर व्यक्ति के लिए न्याय और समान अधिकार सुनिश्चित कर राष्ट्रीय एकता और अखंडता का मंत्र देता है।
हमारा विश्वास है कि संविधान सिर्फ मंचों पर दिखाने की एक पुस्तक नहीं, बल्कि पूर्ण श्रद्धा से आत्मसात कर सार्वजनिक जीवन में अपना सर्वोच्च योगदान देने की कुंजी है। आइए! इस संविधान दिवस पर एक सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर भारत बनाने का संकल्प लें।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने लिखा कि 26 नवंबर 1949, वह ऐतिहासिक दिन जब भारत के लोगों की प्रतिनिधि - संविधान सभा - ने भारत के संविधान को अंगीकृत किया। इन साढ़े सात दशकों में हमारा संविधान सच्चे अर्थों में एक लोकतांत्रिक संविधान सिद्ध हुआ है। हमने राजनीतिक स्वतंत्रता के साथ सामाजिक – आर्थिक स्वाधीनता की दिशा में अनेक आयाम हासिल किए हैं। संविधान अंगीकरण के 75 गौरवशाली वर्ष सभी भारतीयों के लिए एक अनुपम उपलब्धि है। आज संविधान दिवस पर समस्त देशवासियों को मेरी अनेक शुभकामनाएं। इस अवसर पर भारत के संविधान निर्माण के सूत्रधार मनीषियों को कोटि-कोटि नमन।
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Samvidhan Divas 2024: संविधान सभा के सदस्यों की संख्या
डॉ. भीमराव अंबेडकर को भारतीय संविधान का जनक भी कहा जाता है। अंबेडकर के अलावा संविधान सभा में कुल 389 सदस्य थे। इस संविधान सभा के अध्यक्ष देश के पहले राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद थे। इनके अलावा मुख्या नामों में जवाहरलाल नेहरू, सरदार वल्लभ भाई पटेल, अबुल कलाम आजाद, सी. राजगोपालाचारी, एस.राधाकृष्णन, सी.सुब्रमण्यम, के.कामराज, फ्रैंक एंथोनी आदि मुख्य नाम हैं।
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