Press Trust of India | April 4, 2026 | 10:39 PM IST | 1 min read
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा और न्यायाधीश संगीता शर्मा की खंडपीठ ने परीक्षा रद्द करने के एकल पीठ के फैसले को सही ठहराया।

नई दिल्ली: राजस्थान उच्च न्यायालय (Rajasthan High Court) की खंडपीठ ने 4 अप्रैल को पुलिस उप-निरीक्षक (SI) भर्ती परीक्षा 2021 को रद्द करने के एकल पीठ के आदेश को सही ठहराते हुए उसे बरकरार रखा। एकल पीठ ने पेपर लीक और “वास्तविक अभ्यर्थी की जगह किसी और के परीक्षा देने” (इंपरसोनेशन) के आरोपों के बाद इस भर्ती परीक्षा 2021 को रद्द कर दिया था।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा और न्यायाधीश संगीता शर्मा की खंडपीठ ने शनिवार को परीक्षा रद्द करने के एकल पीठ के फैसले को सही ठहराया।
हालांकि, खंडपीठ ने एकल पीठ द्वारा जनहित याचिका के संबंध में दिए गए निर्देश को हटा दिया। न्यायमूर्ति समीर जैन ने 28 अगस्त 2025 को इस परीक्षा को रद्द करते हुए कहा था कि पूरी प्रक्रिया में अवैधता और धोखाधड़ी स्पष्ट रूप से दिखाई देती है।
अदालत ने राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) के कामकाज पर कड़ी टिप्पणी की थी और भर्ती परीक्षा रद्द कर दी थी। अदालत ने आरपीएससी के रवैये के खिलाफ खंडपीठ के समक्ष जनहित याचिका (पीआईएल) दायर करने का आदेश भी दिया था।
आरपीएससी ने 2021 में पुलिस उपनिरीक्षक और प्लाटून कमांडर के 859 पदों के लिए विज्ञापन निकाला था। भर्ती परीक्षा के दौरान पेपर लीक होने के आरोप सामने आए जिसके बाद सरकार ने मामले की जांच राजस्थान पुलिस के विशेष अभियान समूह (एसओजी) को सौंप दी।
पेपर लीक में शामिल अन्य लोगों के अलावा 50 से ज्यादा प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों को गिरफ्तार किया गया है। राज्य मंत्रिमंडल की एक उप-समिति ने उच्च न्यायालय में अपनी रिपोर्ट में एसआई भर्ती परीक्षा 2021 को रद्द न करने की सिफारिश की थी।