Abhay Pratap Singh | January 20, 2026 | 09:33 AM IST | 2 mins read
राजस्थान असिस्टेंट प्रोफेसर मॉडल आंसर की पर आपत्तियां दर्ज कराने के लिए लॉगिन क्रेडेंशियल की आवश्यता होगी।

नई दिल्ली: राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) ने असिस्टेंट प्रोफेसर (कॉलेज एजुकेशन) परीक्षा 2025 के 8 विषयों के लिए मॉडल उत्तर कुंजी जारी कर दिया है। आरपीएससी असिस्टेंट प्रोफेसर आंसर की 2025 पर उम्मीदवारों को शुल्क भुगतान के साथ 21 जनवरी, 2026 से आपत्तियां दर्ज कराने का मौका भी दिया जाएगा।
राजस्थान सहायक प्रोफेसर उत्तर कुंजी 2025 पीडीएफ प्रारूप में सभी विषयों के लिए अलग-अलग जारी की गई है, जिसे डाउनलोड करने के लिए किसी भी क्रेडेंशियल की जरूरत नहीं होगी। हालांकि, आरपीएससी असिस्टेंट प्रोफेसर आंसर की ऑब्जेक्शन विंडो लॉगिन करने के लिए उम्मीदवारों को आवेदन संख्या और पासवर्ड की आवश्यकता होगी।
आधिकारिक नोटिस के अनुसार, “फिलॉसफी, टेक्सटाइल डाइंग एंड पेंटिंग, जियोग्राफी, एबीएसटी, सोशियोलॉजी, बिज़नेस एडमिनिस्ट्रेशन, ड्राइंग एंड पेंटिंग और स्टैटिस्टिक्स की मॉडल उत्तर कुंजियां आयोग की वेबसाइट पर जारी की गई है। अभ्यर्थी मॉडल आंसर की पर 21 जनवरी से 23 जनवरी, 2026 तक अपनी आपत्तियां ऑनलाइन दर्ज करा सकते हैं।”
आरपीएससी असिस्टेंट प्रोफेसर मॉडल आंसर की पर चुनौतियां दर्ज कराने के लिए उम्मीदवारों को प्रति प्रश्न 100 रुपये शुल्क का भुगतान ऑनलाइन माध्यम में करना होगा। अभ्यर्थी एसएसओ पोर्टल पर लॉगिन कर रिक्रूटमेंट पोर्टल के माध्यम से परीक्षा के लिए उपलब्ध ऑब्जेक्शन लिंक पर क्लिक करके आपत्तियां दर्ज करा सकते हैं।
आयोग द्वारा आपत्ति शुल्क वापस करने का कोई प्रावधान नहीं है। शुल्क के अभाव में आपत्तियां स्वीकार नहीं की जाएंगी। आपत्तियां केवल ऑनलाइन प्रस्तुत करें। आपत्तियां केवल एक बार ही स्वीकार की जाएंगी। 23 जनवरी, 2026 को रात 12 बजे के बाद आरपीएससी असिस्टेंट प्रोफेसर आंसर की ऑब्जेक्शन विंडो लिंक निष्क्रिय हो जाएगी।
आरपीएससी की आधिकारिक वेबसाइट rpsc.rajasthan.gov.in पर जाएं और होमपेज पर उपलब्ध ‘न्यूज एंड इवेंट’ सेक्शन पर क्लिक करें। आरपीएससी असिस्टेंट प्रोफेसर मॉडल आंसर की पीडीएफ 2025 (8 विषयों) पेपर-1 और पेपर-2 के लिए डाउनलोड करें। अंकों का मिलान करें और आपत्तियां हो तो दर्ज करें।
प्रदेश के चिकित्सा एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री धनसिंह रावत ने कहा कि शिक्षण संस्थानों में रैगिंग की घटनाएं संस्थागत अनुशासन एवं व्यवस्था पर प्रश्नचिन्ह लगाती हैं, जिन्हें स्वीकार नहीं किया जाएगा।
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