Press Trust of India | January 11, 2026 | 06:19 PM IST | 2 mins read
पीएम ने 'मन की बात' कार्यक्रम में वाराणसी के क्वींस कॉलेज की छात्रा पायल पटेल का जिक्र किया। इसी को देखते हुए अब तमिल भाषा की कक्षा चलाने की तैयारी की जा रही है।

वाराणसी: काशी-तमिल संगमम के बाद वाराणसी के स्कूलों में तमिल भाषा की अब नियमित कक्षाएं संचालित करने की तैयारी की जा रही है। इसके साथ ही तमिलनाडु के छात्रों को भी हिंदी सिखाने के लिए 50 अध्यापकों को भी तमिलनाडु भेजने की तैयारी है। राजकीय क्वींस कॉलेज के प्राचार्य सुमित कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि पीएम मोदी ने पिछले दिनों इसी विद्यालय की छात्रा पायल पटेल के तमिल भाषा सीखने और बोलने की प्रशंसा की थी और इसे देखते हुए जिला विद्यालय निरीक्षक ने स्कूल में तमिल भाषा सिखाने के लिए सायंकालीन कक्षा चलाने का निर्देश दिया है।
उन्होंने बताया कि कक्षाएं जल्द ही शुरू की जाएंगी। उन्होंने छात्रा पायल पटेल को तमिल भाषा सिखाने वाली तमिलनाडु की संध्या कुमार साई से बात की है। काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के तमिल विभाग के अध्यक्ष भी इसमें सहयोग करेंगे।
उन्होंने बताया कि यहां के 50 शिक्षकों को भी हिंदी सिखाने के लिए तमिलनाडु भेजने की तैयारी की जा रही है और इसको लेकर वाराणसी के मंडल आयुक्त और जिलाधिकारी ने स्कूलों के साथ बैठक में इस विषय में बात हो चुकी है।
पीएम ने पिछले महीने 'मन की बात' कार्यक्रम में वाराणसी के क्वींस कॉलेज की छात्रा पायल पटेल का जिक्र किया था। इसी को देखते हुए अब राजकीय क्वींस कॉलेज में रोज शाम को तमिल भाषा की एक कक्षा चलाने की तैयारी की जा रही है।
श्रीवास्तव ने बताया कि राजकीय क्वींस कॉलेज वाराणसी में नव वर्ष के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में छात्राओं ने पीएम और सीएम योगी को तमिल भाषा में नववर्ष की शुभकामनाएं प्रेषित कीं और इस का नेतृत्व छात्रा पायल पटेल ने किया।
हरीश चंद्र बालिका इंटरमीडिएट कॉलेज की प्रधानाचार्या डॉ. प्रियंका तिवारी ने बताया कि तमिल संगमम के समय उनके कॉलेज में 15 दिन की तमिल भाषा की कक्षा का संचालन किया गया था जिसमें 50 छात्राओं ने भाग लिया था।
तिवारी ने बताया, "छात्रों में तमिल भाषा सीखने की ललक को देखते हुए हम कॉलेज में तमिल का एक पाठ्यक्रम शुरू करने का सोच रहे है। अभी स्कूल में छुट्टियां चल रही है। अब अगले सत्र में इस भाषा को सिखाने का पाठ्यक्रम शुरू करेंगे।"
इस योजना के तहत राज निवास में उपराज्यपाल की मौजूदगी में दिल्ली शिक्षक विश्वविद्यालय के लिए करीब 12.69 एकड़ और गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय के लिए 22.43 एकड़ जमीन के कागज सौंपे गए।
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