NEET 2024 Controversy: 'कोचिंग सेंटरों के लिए नीट करोड़ों का उद्योग', डीएमके ने परीक्षा को बताया धोखाधड़ी

Press Trust of India | July 1, 2024 | 04:38 PM IST | 2 mins read

डीएमके के तमिल मुखपत्र 'मुरासोली' ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सहयोगी जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) ने खुद ही अनियमितताओं को लेकर प्रस्ताव पारित किया है।

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डीएमके नीट परीक्षा समाप्त करने की मांग की है। (इमेज-पीटीआई)

नई दिल्ली: तमिलनाडु की सत्तारूढ़ पार्टी डीएमके ने आज यानी 1 जुलाई को नीट परीक्षा पर अहम बयान दिया है, जिसमें उसने इसे देश में परीक्षा के नाम पर चलने वाला सबसे बड़ा उद्योग बताया है। डीएमके ने कहा कि नीट परीक्षा कोचिंग सेंटरों के कल्याण के लिए है, जो हर साल इससे लाखों-करोड़ों रुपये कमाते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि नीट परीक्षा के नाम पर चल रहे सबसे बड़े फर्जीवाड़े को उजागर करने वाला तमिलनाडु देश का पहला राज्य है।

डीएमके ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर प्रमुख पार्टियां इस परीक्षा के खिलाफ आवाज उठा रही हैं। नीट यूजी में अनियमितताओं के संबंध में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा की गई छापेमारी और गिरफ्तारियों की ओर इशारा करते हुए डीएमके के तमिल मुखपत्र 'मुरासोली' ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सहयोगी जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) ने खुद ही अनियमितताओं को लेकर प्रस्ताव पारित किया है।

मुखपत्र में कहा गया है, ''भारत में प्रमुख राजनीतिक दलों ने नीट के खिलाफ आवाज उठाई है।'' डीएमके नीट अनियमितताओं पर संसद के दोनों सदनों में बहस के पक्ष में है और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा है कि इस मुद्दे पर विचार-विमर्श किया जाना चाहिए।

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तमिल दैनिक समाचार पत्र ने कहा, "तमिलनाडु पहला राज्य है जिसने कहा है कि नीट एक धोखाधड़ी है। अब पूरा देश इसका समर्थन कर रहा है। नीट कोचिंग सेंटरों के कल्याण के लिए शुरू किया गया एक उद्योग है और इस उद्योग ने करोड़ों रुपये कमाए हैं। तमिलनाडु ऐसा कहने वाला पहला राज्य है। आज, धोखेबाजों को गिरफ्तार किया जा रहा है।"

बता दें कि तमिलनाडु विधानसभा ने 28 जून 2024 को एक प्रस्ताव पारित कर राज्य को नीट के दायरे से बाहर करने और मेडिकल प्रवेश परीक्षा को खत्म करने का आग्रह किया है। इस संबंध में डीएमके के दैनिक समाचार पत्र ने कहा, "अब पूरा भारत जानता है कि नीट सिर्फ एक धोखा है।" मुख्य विपक्षी दल ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) और राज्य की अधिकांश पार्टियाँ नीट के खिलाफ हैं।

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