Santosh Kumar | June 19, 2024 | 06:14 PM IST | 2 mins read
कांग्रेस नेताओं को लिखे पत्र में समिति ने कहा कि नीट यूजी 2024 परीक्षा के नतीजों को लेकर कई शिकायतों और चिंताओं को दूर करने की तत्काल आवश्यकता है।
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नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी के बाद अब भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (आईएनसी) की समितियां भी राष्ट्रीय पात्रता प्रवेश परीक्षा (नीट) 2024 में 'बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार' और 'अनियमितताओं' के खिलाफ 21 जून को नीट परीक्षा में कथित घोटाले को लेकर विरोध प्रदर्शन करेंगी। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के महासचिव सांसद केसी वेणुगोपाल ने सभी समितियों से विरोध प्रदर्शन करने और वरिष्ठ नेताओं को शामिल करने को कहा।
कांग्रेस नेताओं को लिखे पत्र में समिति ने कहा कि नीट यूजी 2024 परीक्षा के नतीजों को लेकर कई शिकायतों और चिंताओं को दूर करने की तत्काल आवश्यकता है। इसमें कहा गया है, "जैसा कि आप जानते हैं, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने 4 जून, 2024 को नीट यूजी 2024 के नतीजे जारी किए। कुछ उम्मीदवारों के बढ़े हुए अंक के बाद अनियमितताओं और पेपर लीक के आरोपों से नतीजे प्रभावित हुए हैं।"
कांग्रेस पार्टी के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि 4 जून को नीट यूजी परिणाम की घोषणा के बाद से ही कांग्रेस एआईसीसी के मंच से इस मुद्दे को उठा रही है। कांग्रेस ने नेट यूजी परिणाम में बड़े पैमाने पर हुई अनियमितताओं की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग की है। कांग्रेस पार्टी सभी राज्य इकाइयों को 21 जून को देश के अलग-अलग राज्यों की राजधानियों में वरिष्ठ नेताओं के साथ विरोध प्रदर्शन करने का निर्देश दिया है।
देश की सबसे पुरानी पार्टी 24 जून से शुरू हो रहे संसद के विशेष सत्र में इस मुद्दे को उठाने के लिए इंडिया ब्लॉक पार्टियों को एकजुट कर रही है। सत्तारूढ़ सरकार पर हमला करते हुए कांग्रेस ने कहा कि 'कुछ परीक्षा केंद्रों में तकनीकी गड़बड़ियों, कदाचार और अनुचित साधनों के कारण परीक्षा प्रभावित हुई है। बिहार, गुजरात और हरियाणा में की गई गिरफ्तारियों से संगठित भ्रष्टाचार स्पष्ट है, जो भाजपा शासित राज्यों में कदाचार के पैटर्न को उजागर करता है।'
एआईसीसी के पत्र में कहा गया है कि "इस तरह की अनियमितताएं परीक्षा प्रक्रिया की विश्वसनीयता को कम करती हैं और अनगिनत छात्रों के भविष्य को खतरे में डालती हैं।" कई विपक्षी दल नीट 2024 परीक्षा अनियमितताओं का विरोध कर रहे हैं और सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग कर रहे हैं।
एनटीए और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने परीक्षा में किसी भी तरह की अनियमितता से इनकार किया है। हाल ही में एनटीए ने 1,500 से अधिक उम्मीदवारों के लिए फिर से परीक्षा आयोजित करने की घोषणा की, जिन्हें ग्रेस मार्क्स दिए गए थे। ऐसे उम्मीदवारों के लिए नीट परिणाम 2024 30 जून तक जारी किया जाएगा।