Santosh Kumar | September 30, 2024 | 01:19 PM IST | 2 mins read
सर्वोच्च न्यायालय ने इस मामले में न्यायालय की सहायता के लिए किसी अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल की उपस्थिति का अनुरोध किया है।
Check your admission chances in the MD/MS/DNB courses in the Govt & Private colleges
Use Now.jpg)
नई दिल्ली: भारत का सर्वोच्च न्यायालय आज यानी 30 सितंबर 2024 को उम्मीदवारों द्वारा दायर नीट पीजी 2024 याचिकाओं पर सुनवाई नहीं करेगा। कोर्ट अब 4 अक्टूबर को रिजल्ट में विसंगतियों से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई कर सकता है। कोर्ट ने परीक्षा पैटर्न में आखिरी समय में किए गए बदलावों पर एनबीई से जवाब मांगा है। अभ्यर्थियों ने याचिकाओं में एनबीईएमएस के प्रश्नपत्र, उत्तर कुंजी जारी न करने के फैसले को चुनौती दी है।
जानकारी के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट 4 अक्टूबर को नीट पीजी याचिकाओं पर अस्थायी रूप से सुनवाई करेगा। कोर्ट के निर्देश के बाद एनबीईएमएस ने नीट पीजी 2024 परीक्षा में अंतिम समय में बदलाव के आरोपों को लेकर अपना जवाब दाखिल किया।
हालांकि, सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने इस तथ्य पर ध्यान दिया कि सुनवाई में भारत संघ की ओर से कोई भी उपस्थित नहीं हुआ। इसके चलते सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस जेबी पारदीवाला और मनोज मिश्रा की बेंच ने सुनवाई स्थगित कर दी थी।
सर्वोच्च न्यायालय ने इस मामले में न्यायालय की सहायता के लिए किसी अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल की उपस्थिति का अनुरोध किया। न्यायालय ने कहा, "आदेश की एक प्रति सॉलिसिटर जनरल के कार्यालय को भेजी जाए ताकि भारत संघ के प्रतिनिधित्व के लिए आवश्यक व्यवस्था की जा सके।"
इसके अलावा याचिकाओं को 4 अक्टूबर 2024 को सूचीबद्ध करने को कहा गया है। इससे पहले 20 सितंबर को हुई सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने एनबीईएमएस को फटकार लगाई थी। कोर्ट ने कहा था कि परीक्षा से महज 3 दिन पहले परीक्षा पैटर्न में बदलाव करना बेहद असामान्य है।
मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (एमसीसी) ने अभी तक नीट पीजी 2024 काउंसलिंग का शेड्यूल जारी नहीं किया है। राउंड 1 के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया 20 सितंबर से शुरू हो चुकी है। काउंसलिंग शेड्यूल को अंतिम रूप देने का फैसला आज सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर निर्भर करेगा।
याचिकाकर्ताओं सहित नीट पीजी मेडिकल छात्र न्यायालय के निर्णय पर उत्सुकता से नजर रखे हुए हैं। उन्हें उम्मीद है कि सर्वोच्च न्यायालय पारदर्शिता के पक्ष में फैसला सुनाएगा, उन्हें वह जानकारी देगा जो वे चाहते हैं और निष्पक्ष मूल्यांकन प्रक्रिया सुनिश्चित करेगा।